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अजय भट्ट ने पूछा साइबर अपराधों का ब्योरा, केंद्र ने बताए सख्त कदम और 8690 करोड़ रुपये बचाने का दावा

नई दिल्ली/देहरादून,19 मार्च 2026:नैनीताल-उधम सिंह नगर लोकसभा क्षेत्र से सांसद अजय भट्ट द्वारा संसद में साइबर अपराधों को लेकर अतारांकित प्रश्न उठाया गया, जिसमें उन्होंने पिछले तीन वर्षों में साइबर अपराधों की स्थिति, राज्यवार वृद्धि और इससे निपटने के लिए सरकार के उपायों की जानकारी मांगी।
इस पर जवाब देते हुए केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंडी संजय कुमार ने बताया कि देश में साइबर अपराध से निपटने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000, भारतीय न्याय संहिता, 2023 और पोक्सो अधिनियम, 2012 के तहत पर्याप्त कानूनी प्रावधान मौजूद हैं।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने साइबर अपराधों से समन्वित तरीके से निपटने के लिए भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र की स्थापना की है। इसके तहत राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल शुरू किया गया है, जहां आम नागरिक ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
वित्तीय साइबर धोखाधड़ी पर रोक लगाने के लिए 2021 में ‘नागरिक वित्तीय साइबर धोखाधड़ी रिपोर्टिंग एवं प्रबंधन प्रणाली’ (CFCFRMS) शुरू की गई। इसके माध्यम से 31 जनवरी 2026 तक 24.65 लाख से अधिक शिकायतों में 8,690 करोड़ रुपये से अधिक की राशि बचाई जा चुकी है। साथ ही हेल्पलाइन नंबर 1930 भी संचालित किया जा रहा है।
सरकार ने 2 जनवरी 2026 को साइबर शिकायतों के निस्तारण के लिए एक नई मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) भी लागू की है, जिससे राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित हो सके।
साइबर जागरूकता के लिए नरेंद्र मोदी द्वारा ‘मन की बात’ में डिजिटल गिरफ्तारी जैसे विषयों पर जानकारी दी गई। इसके अलावा कॉलर ट्यून, सोशल मीडिया, टीवी-रेडियो, स्कूल अभियानों और ‘CyberDost’ प्लेटफॉर्म के जरिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं।
केंद्र सरकार का कहना है कि साइबर अपराधों पर नियंत्रण के लिए तकनीकी, कानूनी और जन-जागरूकता के स्तर पर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे डिजिटल लेनदेन को सुरक्षित और भरोसेमंद बनाया जा सके।

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