जैन धर्म की महिमा के साथ मनाया गया महावीर जन्मोत्सव का द्वितीय दिवस

देहरादून 29 मार्च।
महावीर जन्मोत्सव के पावन अवसर पर द्वितीय दिवस का सांस्कृतिक कार्यक्रम जैन भवन, गांधी रोड पर अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत पूज्य गुरुदेव समर्पण सागर महाराज के पावन सान्निध्य एवं आशीर्वाद से हुई। दीप प्रज्वलन एवं चित्र अनावरण के पश्चात भगवान महावीर स्वामी की प्रार्थना कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया गया।
कार्यक्रम में जैन धर्म के मूल सिद्धांत—अहिंसा, सत्य, अपरिग्रह और तप—को विविध प्रस्तुतियों के माध्यम से जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया। मुकमाटी की वीरांगनाओं द्वारा वीर प्रभु का भावपूर्ण वंदन किया गया, वहीं णमोकार मंत्र की महिमा को एक नवीन और प्रभावशाली अंदाज में प्रस्तुत कर दर्शकों को आध्यात्मिक संदेश दिया गया।
प्रतिभा डांस एकेडमी के बच्चों ने “तीन भवन के नाथ पधारे” पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुति देकर सभी का मन मोह लिया। इसके साथ ही जैन मिलन मुकमाटी द्वारा प्रस्तुत नाटिका “मुनि ब्रह्म गुलाल” कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रही। इस नाटिका में एक बहरूपिया के जीवन परिवर्तन की प्रेरणादायक कथा को दर्शाया गया, जिसमें वह स्वांग रचते-रचते अंततः जैन धर्म के मार्ग पर अग्रसर होकर मुनि बन जाता है। यह प्रस्तुति दर्शकों के लिए आध्यात्मिक जागरण और आत्मचिंतन का संदेश लेकर आई।
कार्यक्रम के समापन पर उत्सव समिति द्वारा मुकमाटी की संपूर्ण टीम को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए मोमेंटो भेंट कर सम्मानित किया गया।
यह आयोजन न केवल सांस्कृतिक अभिव्यक्ति का मंच बना, बल्कि जैन धर्म के आदर्शों और भगवान महावीर के संदेश—“जियो और जीने दो”—को जन-जन तक पहुँचाने का माध्यम भी सिद्ध हुआ।


