
देहरादून,10 अप्रैल । मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में नैनीताल एवं ऊधमसिंहनगर जनपद की विभिन्न विधानसभाओं से संबंधित मुख्यमंत्री घोषणाओं की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाई गई समस्याओं का त्वरित और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विधायक अपने क्षेत्रों की समस्याओं को शासन तक पहुंचाते हैं, इसलिए उन पर गंभीरता से कार्यवाही करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने अल्पकालिक कार्यों को शीघ्र पूरा करने और दीर्घकालिक योजनाओं को तय समयसीमा में चरणबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही स्पष्ट किया कि कार्यों में किसी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन को निर्देश दिए कि बहु-विभागीय योजनाओं के लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए तथा उनकी नियमित समीक्षा की जाए, ताकि परियोजनाओं में अनावश्यक विलंब न हो।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों के साथ निरंतर संवाद बनाए रखने को कहा, जिससे समस्याओं के समाधान में तेजी लाई जा सके। उन्होंने कहा कि प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बेहतर तालमेल से विकास कार्यों की गुणवत्ता और गति दोनों सुनिश्चित होंगी।
आगामी वर्षाकाल को देखते हुए मुख्यमंत्री ने बरसाती नालों की सफाई, सिल्ट हटाने और जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए, ताकि जलभराव और बाढ़ जैसी समस्याओं से निपटा जा सके। साथ ही ग्रीष्मकाल में संभावित वनाग्नि की घटनाओं को रोकने के लिए विभागीय समन्वय और जनजागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने पेयजल और विद्युत आपूर्ति को लेकर भी निर्देश दिए कि गर्मी के मौसम में किसी भी प्रकार की समस्या न हो और ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
बैठक में सड़कों के निर्माण व मरम्मत, स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण, मिनी खेल मैदानों के निर्माण, फसलों को जंगली जानवरों से बचाने, बाढ़ सुरक्षा और जलभराव जैसी समस्याओं पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने इन सभी मुद्दों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा, राम सिंह कैड़ा, बंशीधर भगत, दीवान सिंह बिष्ट, त्रिलोक सिंह चीमा, शिव अरोड़ा, सरिता आर्य, डॉ. मोहन सिंह बिष्ट, प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।


