
देहरादून 19 अप्रैल । सिटीजन फोरम के संरक्षक अनूप नौटियाल और जगन मोहन मेहंदीरत्ता ने संयुक्त रूप से कहा कि मेयर दून सफाई व्यवस्था की कोई सुध नहीं ले रहे हैं। कूड़ा रहित दून बनाने के लिए देहरादून प्रेस क्लब में नागरिक केंद्रित मोबाइल एप्लीकेशन सफाई मित्र लॉन्च किया गया। फोरम के सदस्यों ने देहरादून नगर निगम के दावों और जमीनी हकीकत के बीच बड़े अंतर पर कड़ी नाराजगी जताई।
‘न जलाओ, न छिपाओ, न बहाओ’ स्लोगन के साथ दून को पूरी तरह से कूड़ा रहित बनाने के लिए अनूप नौटियाल और जगनमोहन मेंहदीरत्ता ने कहा कि, दो साल पहले सिटीजन फोरम ने वेस्ट मैनेजमेंट को लेकर ही अपना मिशन शुरू किया गया था। लेकिन व्यवस्था पर कोई भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है, जो कि बहुत बड़ा दुर्भाग्य है। मेयर सिर्फ उद्घाटनों को करने में ही में व्यस्त हैं।
अनूप नौटियाल ने कहा कि दून में कचरा फैला हुआ है। दून में वास्तव में कचरा होना ही नहीं चाहिए। कूड़ा जलाने की परंपरा पूरी तरह से समाप्त होनी चाहिए। दून के 15 लाख लोगों को सम्मुख हम अपना एक ऐप भी लॉन्च कर रहे हैं। हम नगर निगम और उसके मेयर को आईना भी दिखाएंगे। स्वच्छता पेट्रोलिंग कहीं पर भी नहीं हो रही है। मेयर की ओर से समय समय पर कई वायदे किए गए, लेकिन कोई वायदा पूरा नहीं किया गया। उन्होंने रिपोर्ट कार्ड भी मीडिया के सम्मुख रखा।
अनूप नौटियाल ने यह भी कहा कि, भाजपा संगठन पर्यावरण और सफाई व्यवस्था की स्वयं सुध ले और देहरादून नगर निगम में एक महिला को डिप्टी मेयर बनाया जाए। साथ ही प्रदेश के 10 नगर निगमों की बैठक स्वयं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को लेकर नियमों को सख्त करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी नागरिकों को जागरूक होना होगा।
फोरम के प्रतिनिधियों ने कहा कि, कई बैठक को संवादों और जनसंपर्क कार्यक्रमों जैसे मेयर संवाद और दून लाइब्रेरी के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चर्चा के बावजूद जमीन स्तर पर परिणाम सीमित रहे हैं। संवाद तो हुआ है, लेकिन ठोस कार्रवाई की कमी रह गई। इसलिए साफ सफाई को लेकर बार-बार आश्वासनों के बावजूद सुधार न दिखने से जनता में निराशा बढ़ रही है।
लॉन्च किए गए एप के बारे में जानकारी देते हुए प्रतिनिधियों ने बताया कि, सफाई मित्र मोबाइल एप्लीकेशन का उद्देश्य मौजूदा सिस्टम को बदलना नहीं बल्कि नागरिक सहभागिता को बढ़ाना और अंतिम स्तर तक जवाब देही सुनिश्चित करना है। यह ऐप नागरिकों को कचरे से संबंधित समस्याएं जैसे कचरा जमा होना, कचरा नहीं उठना या कचरा जलाना सीधे संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने की सुविधा देगा।


