
देहरादून,7 जुलाई। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने समाज कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभाग की सभी योजनाएं केवल वर्तमान जरूरतों तक सीमित न रहें, बल्कि अगले 25 वर्षों की आवश्यकताओं और चुनौतियों को ध्यान में रखकर तैयार की जाएं। उन्होंने कहा कि योजनाओं का प्रभावी इंटीग्रेशन किया जाए और उत्तराखण्ड का मॉडल देश के लिए “बेस्ट प्रैक्टिस” बने।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि बाबू जगजीवन राम बालक छात्रावास, डोईवाला (देहरादून), बाबू जगजीवन राम बालक छात्रावास, पाइनस (नैनीताल) तथा बाबू जगजीवन राम बालिका छात्रावास, सोमेश्वर (अल्मोड़ा) का निर्माण कार्य हर हाल में अक्टूबर माह तक पूरा किया जाए, ताकि अनुसूचित जाति के छात्र-छात्राओं को शीघ्र बेहतर आवासीय एवं शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने समाज कल्याण विभाग की विभिन्न पेंशन योजनाओं के अंतर्गत जून-2026 की पेंशन राशि डीबीटी (वन क्लिक) के माध्यम से जारी की। उन्होंने 9,80,950 लाभार्थियों के बैंक खातों में कुल 145.42 करोड़ रुपये हस्तांतरित किए। इसमें केंद्र सरकार का अंश 7.02 करोड़ रुपये तथा राज्य सरकार का अंश 138.40 करोड़ रुपये रहा।
जारी की गई पेंशन राशि में वृद्धावस्था पेंशन के 6,11,245 लाभार्थियों को 91.69 करोड़ रुपये, विधवा पेंशन के 2,35,850 लाभार्थियों को 35.38 करोड़ रुपये, दिव्यांग पेंशन के 88,787 लाभार्थियों को 13.32 करोड़ रुपये, किसान पेंशन के 27,207 लाभार्थियों को 3.26 करोड़ रुपये, परित्यक्ता पेंशन के 8,258 लाभार्थियों को 99.10 लाख रुपये, भरण-पोषण अनुदान के 7,297 लाभार्थियों को 51.08 लाख रुपये, तीलू रौतेली पेंशन के 2,179 लाभार्थियों को 26.15 लाख रुपये तथा बौना पेंशन के 127 लाभार्थियों को 1.52 लाख रुपये प्रदान किए गए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि 60 वर्ष की आयु पूरी करते ही पात्र नागरिकों को स्वतः वृद्धावस्था पेंशन का लाभ मिलना सुनिश्चित किया जाए, ताकि उन्हें अनावश्यक प्रक्रियाओं से न गुजरना पड़े। उन्होंने योजनाओं के निर्माण और क्रियान्वयन में वित्तीय अनुशासन, संसाधनों के प्रभावी उपयोग तथा दीर्घकालिक स्थायित्व पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए।
बैठक में बाबू जगजीवन राम छात्रावास योजना की समीक्षा करते हुए बताया गया कि योजना के तहत अनुसूचित जाति के छात्र-छात्राओं को माध्यमिक, उच्च एवं विश्वविद्यालय स्तर की शिक्षा के लिए छात्रावास सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। केंद्र सरकार प्रति छात्रावास 3.25 करोड़ रुपये तक की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराती है, जबकि आवश्यकता पड़ने पर राज्य सरकार अतिरिक्त टॉप-अप राशि देकर आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण छात्रावासों का निर्माण सुनिश्चित करती है।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि ऐसी स्थायी और प्रभावी व्यवस्था विकसित करना है, जो आने वाली पीढ़ियों की आवश्यकताओं को भी पूरा करे। उन्होंने कहा कि सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा और सम्मान प्रत्येक पात्र नागरिक का अधिकार है तथा उत्तराखण्ड में ऐसा सुशासन मॉडल विकसित किया जाएगा, जिसे देश के अन्य राज्य भी अपनाने के लिए प्रेरित हों।
बैठक में कैबिनेट मंत्री श्री खजान दास, समाज कल्याण सचिव तथा विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


