दादी प्रकाशमणि की स्मृति में ब्रह्माकुमारीज का 10 करोड़ नशामुक्ति संकल्प महाअभियान शुरू
6 से 20 अगस्त तक देशभर में चलेगा अभियान, युवाओं को नशामुक्ति की शपथ दिलाने का लक्ष्य—धामी ने दी शुभकामनाएं
डॉ. धन सिंह रावत बोले—विद्यालयों-कॉलेजों में प्रार्थना के दौरान ब्रह्माकुमारीज को दिया जाएगा 20 मिनट का समय
देहरादून 02 अगस्त
। दादी प्रकाशमणि की स्मृति में ब्रह्माकुमारीज की ओर से राष्ट्रव्यापी 10 करोड़ नशामुक्त प्रतिज्ञा महाअभियान का शुभारंभ किया गया। देहरादून स्थित ब्रह्माकुमारीज केंद्र में आयोजित भव्य एवं दिव्य समारोह में जनप्रतिनिधियों, संतों, शिक्षाविदों, पर्यावरणविदों, समाजसेवियों और बड़ी संख्या में स्कूली-कॉलेज के विद्यार्थियों ने भाग लेकर नशामुक्त भारत के संकल्प को मजबूती दी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संदेश में अभियान की सफलता के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ब्रह्माकुमारीज के प्रयासों से निश्चित रूप से निर्धारित समयावधि में 10 करोड़ नशामुक्त प्रतिज्ञा का लक्ष्य पूरा होगा। उन्होंने कहा कि ब्रह्माकुमारीज का ईश्वरीय संदेश, राजयोग का अभ्यास और नैतिक मूल्यों की शिक्षा इस महाअभियान को सफल बनाने में महत्वपूर्ण सहयोगी साबित होगी। मुख्यमंत्री ने इस पहल के लिए ब्रह्माकुमारीज का आभार भी व्यक्त किया।
विद्यालयों-कॉलेजों में प्रार्थना के समय 20 मिनट नशामुक्ति संदेश
कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि 6 से 20 अगस्त के बीच 10 करोड़ युवाओं को नशामुक्ति की प्रतिज्ञा दिलाना अपने आप में ऐतिहासिक पहल है। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार सभी विद्यालयों और महाविद्यालयों में प्रार्थना के समय 20 मिनट का समय ब्रह्माकुमारीज को उपलब्ध करा रही है, ताकि विद्यार्थियों को संस्कार, सद्गुण और नशामुक्त जीवन की प्रेरणा मिल सके।
उन्होंने कहा कि पौड़ी गढ़वाल में ब्रह्माकुमारीज के सहयोग से उन्होंने स्वयं 10 लाख लोगों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई है। प्रदेश में अब तक करीब 30 लाख लोगों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई जा चुकी है।
नशे का युद्ध अंतरराष्ट्रीय युद्धों से भी बड़ा : डॉ. अनिल जोशी
पर्यावरणविद् पद्मश्री डॉ. अनिल प्रकाश जोशी ने कहा कि नशे के खिलाफ चल रहा युद्ध अंतरराष्ट्रीय युद्धों से कहीं बड़ा है। नशामुक्ति की जिम्मेदारी केवल युवाओं पर डालकर समाज इससे मुक्त नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि प्रकृति ही प्रवृत्ति तय करती है, इसलिए परिवार, समाज और संस्कारों की भूमिका भी महत्वपूर्ण है।
उन्होंने जेन-जी की शक्ति का उल्लेख करते हुए कहा कि युवाओं में अपार ऊर्जा और क्षमता है, लेकिन उनमें बढ़ती नशे की प्रवृत्ति चिंता का विषय है। उन्होंने इसके पीछे संस्कारों और संस्कृति से दूर होते जाने को प्रमुख कारण बताया। डॉ. जोशी ने युवाओं के भटकाव के लिए समाज को भी आत्ममंथन करने की जरूरत बताई।
उन्होंने कहा कि नशा आज फैशन का पर्याय बनता जा रहा है। ऐसे में चरित्र निर्माण और दोहरे चरित्र से बचने की आवश्यकता है। उन्होंने ब्रह्माकुमारीज के नशामुक्ति आंदोलन को वर्तमान समय की सबसे बड़ी जरूरत बताया।
स्वपरिवर्तन से ही बनेगा नशामुक्त भारत
हरिद्वार ब्रह्माकुमारीज केंद्र की प्रभारी बीके मीना दीदी ने कहा कि नशामुक्त भारत के निर्माण के लिए दृढ़ संकल्प जरूरी है। नशे के दुष्परिणामों से पूरी दुनिया प्रभावित है और इसके भयावह परिणाम लगातार सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि नशामुक्ति की सफलता के लिए स्वपरिवर्तन आवश्यक है।
उन्होंने स्वर्णिम भारत की संकल्पना को साकार करने के लिए तामसिक वस्तुओं से दूर रहने का आह्वान किया।
दीप प्रज्ज्वलन और पोस्टर विमोचन के साथ शुभारंभ
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, राजयोगिनी बीके मंजू दीदी, राजयोगिनी बीके मीना दीदी, पद्मश्री डॉ. अनिल प्रकाश जोशी, संत सियाराम महाराज, विक्रमशिला हिंदी विद्यापीठ के उपकुलपति डॉ. श्रीगोपाल नारसन, समाजसेवी अमरीश त्यागी और ब्रह्माकुमार सुशील भाई ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर तथा अभियान का पोस्टर जारी कर नशामुक्त भारत महाअभियान का शुभारंभ किया।
नन्ही बालिका आराध्या ने नशामुक्ति पर मनमोहक गीत प्रस्तुत कर उपस्थित लोगों को भावविभोर कर दिया।
राजयोग को बताया नशामुक्ति का प्रभावी समाधान
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं राजयोगिनी बीके मंजू दीदी ने कहा कि देश को स्वस्थ और नशामुक्त बनाने के उद्देश्य से भारत सरकार ने यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी ब्रह्माकुमारीज को दी है। उन्होंने महात्मा गांधी का भावपूर्ण स्मरण करते हुए कहा कि गांधी के सपनों का नशामुक्त भारत बनाने की दिशा में यह अभियान मील का पत्थर साबित होगा।
उन्होंने कहा कि केवल नशे से ही नहीं, बल्कि ईर्ष्या, क्रोध और अन्य विकारों से भी दूर रहने की जरूरत है। उन्होंने राजयोग के अभ्यास को आत्मपरिवर्तन और नशामुक्ति का प्रभावी समाधान बताते हुए प्रधानमंत्री के नशामुक्त भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए 10 करोड़ नशामुक्त प्रतिज्ञा को महत्वपूर्ण कदम बताया।
संत सियाराम दास जी महाराज ने कहा कि नशा छोड़ने से ही जीवन में वास्तविक सुख और शांति आ सकती है। उन्होंने इस अभियान के लिए ब्रह्माकुमारीज को बधाई दी।
वन पंचायत सलाहकार परिषद के अध्यक्ष कुलदीप कुमार ने कहा कि नशामुक्ति अभियान देश की दशा और दिशा बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। नशा समाज में कैंसर की तरह फैल रहा है, ऐसे में समाज को इससे मुक्त कराने के लिए ब्रह्माकुमारीज का योगदान सराहनीय है।
कार्यक्रम में कृषि मंत्री गणेश जोशी भी पहुंचे और उन्होंने नशामुक्ति अभियान के लिए ब्रह्माकुमारीज के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने फास्ट फूड की बढ़ती प्रवृत्ति को स्वास्थ्य के लिए घातक बताते हुए तामसिक भोजन से परहेज करने की अपील की।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ब्रह्माकुमारीज बहन-भाई, स्कूली एवं महाविद्यालयी छात्र-छात्राएं और गणमान्य लोग मौजूद रहे। समारोह में उपस्थित लोगों ने नशामुक्त समाज और स्वस्थ भारत के निर्माण का संकल्प लिया।




