उत्तराखंडराज्य

एयरपोर्ट विस्तारीकरण में बाधा बर्दाश्त नहीं, प्रभावितों को तुरंत मुआवजा दें: डीएम सविन बंसल

जौलीग्रांट एयरफील्ड पर्यावरण प्रबंधन पर उच्चस्तरीय बैठक, डंपिंग यार्ड बदलने के निर्देश

देहरादून 28 नवंबर । जिलाधिकारी सविन बंसल ने जौलीग्रांट एयरपोर्ट के विस्तारीकरण कार्य में किसी भी प्रकार की देरी या बाधा को अस्वीकार्य बताते हुए प्रभावितों को तत्काल मुआवजा वितरित करने के निर्देश दिए। ऋषिपर्णा सभागार में शुक्रवार को एयरफील्ड पर्यावरण प्रबंधन समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि यह परियोजना मुख्यमंत्री की उच्च प्राथमिकताओं में शामिल है, इसलिए अधिग्रहण प्रक्रिया में किसी तरह की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी।

डीएम बंसल ने कहा कि एयरपोर्ट विस्तारीकरण से न सिर्फ राज्य की आय में वृद्धि होगी बल्कि स्थानीय युवाओं को रोजगार और प्रदेश की संस्कृति को वैश्विक मंच पर पहचान भी मिलेगी। उन्होंने स्पष्ट कहा, “विमान, पैसेंजर और आमजन की सुरक्षा सर्वोपरि है।”

डंपिंग यार्ड पर डीएम के सख्त निर्देश

एयरपोर्ट के निकट केशवपुरी स्थित डंपिंग यार्ड पर जिलाधिकारी ने नगर पालिका को तत्काल ट्रामेल और पोकलैंड मशीन खरीदने के आदेश दिए। चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि—
“जब तक मशीनें खरीदी नहीं जातीं, तब तक पालिका का कोई भी प्रस्ताव स्वीकृत नहीं होगा।”

उन्होंने डंपिंग यार्ड को टिन शेड से कवर करने, मैनपावर बढ़ाने और कूड़ा निस्तारण की रफ्तार तेज करने के निर्देश दिए। एयरपोर्ट क्षेत्र में बर्ड हिट की घटनाओं को रोकने के लिए नियमित रूप से कूड़े की सफाई सुनिश्चित करने को कहा गया।

डंपिंग यार्ड को शिफ्ट करने की तैयारी

एयरपोर्ट के 10 किमी दायरे में कचरा डंप होने से बर्ड स्ट्राइक का खतरा बढ़ता है। इसे देखते हुए डीएम ने एसडीएम डोईवाला को 7 दिन के भीतर वैकल्पिक सरकारी भूमि चिन्हित कर डंपिंग साइट को अन्यत्र स्थानांतरित करने के निर्देश दिए। साथ ही वर्तमान भूमि की श्रेणी भी स्पष्ट करने को कहा।

निकासी नालों और सुरक्षा मानकों पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश

एयरपोर्ट परिसर के अंदर और बाहर नालों की क्षमता में विसंगति को दूर करने के लिए सिंचाई विभाग को तुरंत कार्यवाही करने को कहा गया। साथ ही आसपास के सभी होटल, दुकानों और रेस्टोरेंट्स में कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था नियमानुसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

एयरपोर्ट अधिकारियों ने बताया कि कचरा डंपिंग, मांस की दुकानों, ऊंचे पेड़ों और अवैध ऊंची निर्माणों से पक्षियों की गतिविधि बढ़ती है, जिससे बर्ड स्ट्राइक की संभावना अधिक होती है।

बैठक में अपर जिलाधिकारी केके मिश्रा, एसडीएम अपर्णा ढौडियाल, विमानपत्तन निदेशक बीसीएच नेगी, उप महाप्रबंधक अमित जिंदल, उप महाप्रबंधक अनिल कुमार मस्ताना, प्रबंधक शुभम वत्स, डोईवाला नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी एलएल शाह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

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