देहरादून में अभाविप के 71वें राष्ट्रीय अधिवेशन का भव्य शुभारंभ सदस्यता पहुँची 76,98,448 — विश्व के सबसे बड़े छात्र संगठन ने बनाया नया रिकॉर्ड “सेवा में ही निहित है सच्चा नेतृत्व”: डॉ. एस. सोमनाथ
देहरादून, 28 नवंबर 2025। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) के 71वें राष्ट्रीय अधिवेशन का भव्य शुभारंभ शुक्रवार को देहरादून के परेड ग्राउंड स्थित ‘भगवान बिरसा मुंडा नगर’ में बने ‘जनरल बिपिन रावत सभागार’ में हुआ। उद्घाटन प्रसिद्ध वैज्ञानिक और इसरो के पूर्व अध्यक्ष डॉ. एस. सोमनाथ ने किया। अधिवेशन में देशभर से आए हजारों प्रतिनिधियों, पदाधिकारियों और युवाओं की उपस्थिति ने इसे ऐतिहासिक बना दिया।
मुख्य मंच पर अभाविप के नवनिर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) रघुराज किशोर तिवारी, पुनर्निर्वाचित राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी, राष्ट्रीय मंत्री कु. क्षमा शर्मा, स्वागत समिति अध्यक्ष व ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय के अध्यक्ष डॉ. कमल घनशाला, स्वागत समिति महामंत्री रमेश गाड़िया, प्रदेश अध्यक्ष डॉ. जे.पी. भट्ट तथा प्रांत मंत्री ऋषभ रावत उपस्थित रहे।
अभाविप ने तोड़ा अपना ही रिकॉर्ड — सदस्यता 76,98,448
राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने संगठन का वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए बताया कि इस वर्ष अभाविप ने सदस्यता के सभी पूर्व रिकॉर्ड तोड़ते हुए 76,98,448 विद्यार्थी सदस्य बनाए हैं।
यह संख्या अभाविप के 77 वर्ष के इतिहास में सर्वाधिक है, जो इसे दुनिया का सबसे बड़ा छात्र संगठन बनाती है।
उद्घाटन सत्र के बाद “युवा भारत का आह्वान” विषय पर मुख्य संबोधन राष्ट्रीय संगठन मंत्री आशीष चौहान ने दिया तथा समानांतर सत्रों में भी इस विषय पर विस्तृत चर्चा हुई।
डॉ. एस. सोमनाथ का प्रेरक संबोधन — “युवा बदलते हैं इतिहास की दिशा”
इसरो के पूर्व अध्यक्ष एवं प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. एस. सोमनाथ ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा—
“किसी भी राष्ट्र का उत्थान तभी संभव है जब युवा ज्ञान, तकनीक और निडरता से परिपूर्ण हों।”
“भारत आज संस्कृति और विज्ञान, दोनों क्षेत्रों में विश्व को राह दिखा रहा है।”
“युवा पीढ़ी भारत का भविष्य लिखेगी — जब हर हाथ में हुनर होगा और हर दिल में भारत होगा, तभी विकसित भारत का निर्माण होगा।”
“अभाविप ने सिद्ध किया है कि सच्चा नेतृत्व सेवा में निहित होता है।”
“चंद्रयान-3 जैसी उपलब्धियाँ यह दर्शाती हैं कि 21वीं सदी में भारत नेतृत्व कर रहा है।”


उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे नवाचार, चरित्र और राष्ट्र की एकता को सर्वोपरि रखें।
राष्ट्रीय अध्यक्ष का संबोधन — “अभाविप युवा पीढ़ी का रोल मॉडल”
अभाविप के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) रघुराज किशोर तिवारी ने कहा—
“अभाविप आज विश्व का सबसे बड़ा छात्र संगठन है। इसका श्रेय उन कार्यकर्ताओं को जाता है जो राष्ट्रहित को सर्वोच्च मानकर काम कर रहे हैं। युवा पीढ़ी के सामने हम एक आदर्श और प्रेरणा के रूप में खड़े हैं।”
महामंत्री का वक्तव्य — “अभाविप एकात्मता का वटवृक्ष”
पुनर्निर्वाचित राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सोलंकी ने कहा—
“अभाविप 77 वर्षों की यात्रा में एक बहुआयामी वटवृक्ष के रूप में विकसित हुआ है।”
“1949 में औपचारिक पंजीयन से पहले ही इसकी जड़ें स्वतंत्रता संग्राम के महान बलिदानियों के ध्येय से जुड़ी थीं।”
“अभाविप कार्यकर्ताओं ने देश के हर हिस्से को एक सूत्र में पिरोने का काम किया है।”
“संगठन भारत ही नहीं, विदेशों में पढ़ने वाले भारतीय छात्रों के बीच भी ‘राष्ट्र प्रथम’ के भाव को मजबूत कर रहा है।”
उन्होंने प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि इस राष्ट्रीय अधिवेशन से सीख लेकर अपने क्षेत्रों में राष्ट्रभाव को और अधिक मजबूत करें।
तीन दिवसीय अधिवेशन में होंगे महत्वपूर्ण सत्र
अधिवेशन के दौरान छात्रहित, शिक्षा, राष्ट्रीय मुद्दों, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्र निर्माण पर कई सत्र आयोजित किए जाएंगे। देशभर से आए प्रतिनिधियों का उत्साह देहरादून में नया जोश और ऊर्जा भर रहा है।

