देहरादून 
15 जनवरी, 2026 । मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने जनपद देहरादून के सेलाकुई स्थित सगन्ध पौधा केन्द्र का भ्रमण कर वहां संचालित गतिविधियों की विस्तृत जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने कहा कि हाई वैल्यू फसलों के उत्पादन एवं प्रसंस्करण से प्रदेश के किसानों की आर्थिकी में उल्लेखनीय सुधार किया जा सकता है।
मुख्य सचिव ने सगन्ध पौधा केन्द्र को और अधिक सशक्त बनाने पर जोर देते हुए निर्देश दिए कि किसानों को डोर-स्टेप सहायता उपलब्ध कराई जाए, जिससे अधिक से अधिक किसान इस योजना से जुड़ सकें। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर में सगन्ध पौधा केन्द्र की गतिविधियों का विस्तार किया जाए।
मुख्य सचिव ने सभी जनपदों की जलवायु एवं भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप एरोमैटिक फसलों का चयन कर किसानों को इससे जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों को सगन्ध फसलों के उत्पादन में तकनीकी एवं विपणन सहयोग उपलब्ध कराया जाए। साथ ही 6 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किए जा रहे सैटेलाइट सेंटर्स को शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए।
उन्होंने परफ्यूमरी एवं एरोमैटिक सेक्टर में उच्च शिक्षा एवं कौशल विकास के अंतर्गत डिप्लोमा एवं सर्टिफिकेशन कार्यक्रम संचालित करने के भी निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने वरिष्ठ अधिकारियों को नियमित रूप से जनपदों का भ्रमण कर योजनाओं की समीक्षा एवं फीडबैक लेने पर बल दिया।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि अन्य विभागों द्वारा संचालित फल एवं सब्जी आधारित आजीविका योजनाओं को भी सगन्ध पौधा कार्यक्रम से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि किसानों को प्रशिक्षण देने तथा जागरूक करने के लिए सभी जनपदों में व्यापक अभियान चलाए जाएं। उन्होंने वित्तीय वर्ष 2026-27 की वार्षिक कार्ययोजना जनवरी माह तक पूर्ण करने तथा जनपदों के लिए लक्ष्य निर्धारित करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर निदेशक सगन्ध पौधा केन्द्र डॉ. निर्पेंद्र चौहान ने बताया कि केन्द्र को खुशबूदार फसलों के वाणिज्यीकरण के लिए एक सफल मॉडल के रूप में विकसित किया गया है, जहां एक ही छत के नीचे खेती से लेकर प्रोसेसिंग, डिस्टिलेशन, मार्केटिंग, क्वालिटी एनालिसिस एवं स्टैंडर्डाइजेशन तक की सुविधाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि यह केन्द्र बिजनेस इनक्यूबेटर के रूप में किसानों, उद्यमियों एवं एसेंशियल ऑयल इंडस्ट्री को सहयोग प्रदान करता है।
उन्होंने जानकारी दी कि 5 नाली तक के किसानों को निःशुल्क रोपण सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है तथा 9 एरोमैटिक फसलों पर 50 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जा रही है। डिस्टिलेशन यूनिट एवं ड्रायर हेतु पर्वतीय जनपदों में 75 प्रतिशत तथा मैदानी जनपदों में 50 प्रतिशत तक (अधिकतम 10 लाख रुपये) सब्सिडी दी जा रही है। साथ ही 27 एसेंशियल ऑयल एवं एरोमैटिक उत्पादों का न्यूनतम समर्थन मूल्य भी निर्धारित किया गया है।
इस अवसर पर जिलाधिकारी देहरादून श्री सविन बंसल भी उपस्थित रहे।


