सनातन संस्कृति और राष्ट्र चेतना के प्रतीक थे सत्यमित्रानंद गिरी महाराज : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी
उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता सहित सख्त कानूनों से सुशासन की स्थापना : सीएम
हरिद्वार 5 फरवरी 2026। 


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार स्थित सप्तऋषि आश्रम मैदान (भारत माता मंदिर के समीप, सप्त सरोवर मार्ग) में आयोजित भव्य संत सम्मेलन में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने संत-महात्माओं, धर्मगुरुओं एवं श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए सनातन संस्कृति, राष्ट्र चेतना और सामाजिक समरसता पर अपने विचार रखे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि माँ गंगा के पावन तट पर स्थित सप्तऋषि क्षेत्र में एकत्र संत समाज सनातन चेतना का जीवंत स्वरूप है, जो राष्ट्र और संस्कृति के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि जिन महापुरुषों ने अपना संपूर्ण जीवन राष्ट्रधर्म, सेवा, त्याग और करुणा को समर्पित किया, वे केवल संन्यासी नहीं बल्कि राष्ट्र चेतना के दिव्य प्रतीक थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी महाराज ने आध्यात्मिक ज्ञान को सामाजिक सेवा से जोड़ते हुए ऐसा जीवन दर्शन प्रस्तुत किया, जिसने लाखों लोगों को सेवा और मानवता के मार्ग पर प्रेरित किया। भारत माता मंदिर की स्थापना कर उन्होंने सनातन संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण का ऐतिहासिक कार्य किया। वर्ष 1998 के कुंभ मेले में उन्हें आचार्य महामंडलेश्वर की उपाधि प्रदान की गई, जिसके पश्चात उन्होंने 10 लाख से अधिक नागा साधुओं को दीक्षा दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सत्यमित्रानंद गिरी महाराज की प्रतिमा की स्थापना नई पीढ़ी के लिए आध्यात्मिक जागरण और सांस्कृतिक चेतना का सशक्त माध्यम बनेगी। संत परंपरा किसी एक पंथ तक सीमित न होकर वसुधैव कुटुंबकम की भावना से सम्पूर्ण विश्व को जोड़ने का कार्य करती है। सनातन धर्म मानव निर्मित नहीं बल्कि शाश्वत सिद्धांतों पर आधारित है, जो समय के साथ चलता है और कभी पराजित नहीं होता।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार ने धर्मांतरण विरोधी कानून, सख्त दंगारोधी कानून लागू करते हुए लव जिहाद, लैंड जिहाद और थूक जिहाद जैसी जिहादी मानसिकताओं के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की है। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू कर सभी नागरिकों के लिए समान कानून की व्यवस्था की गई है। वहीं, युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया, जिसके सकारात्मक परिणामस्वरूप 28 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी प्रक्रिया से सरकारी नौकरी मिली है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में सांस्कृतिक उत्थान का नया युग प्रारंभ हुआ है। अयोध्या में श्रीराम मंदिर का निर्माण और बदरीनाथ धाम मास्टर प्लान जैसे कार्य भारत को पुनः विश्व गुरु बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
इस अवसर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि हरिद्वार स्थित भारत माता मंदिर देश की सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2027 के कुंभ मेले की तैयारियाँ प्रारंभ कर दी गई हैं और सत्यमित्रानंद गिरी महाराज का जीवन सतत साधना और सद्कर्म से प्रेरणा देता है।
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि बीते वर्षों में भारत में अभूतपूर्व परिवर्तन हुआ है और आज भारत विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। उन्होंने कहा कि जल, थल और वायु मार्गों का तीव्र विकास हुआ है और युवा शक्ति देश को विकसित राष्ट्र की ओर अग्रसर कर रही है। संत समाज भारतीय संस्कृति को सुदृढ़ करने और देश को एकता के सूत्र में पिरोने का कार्य कर रहा है।
बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि संतों का सान्निध्य जीवन के दुखों का समाधान है। भारत की पहचान सनातन संस्कृति से है और शंकराचार्य द्वारा स्थापित चार मठ देश की आध्यात्मिक एकता के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि परमात्मा एक है, जिसकी अभिव्यक्ति विभिन्न आस्थाओं के माध्यम से होती है।


