देहरादून 5 फरवरी। पीएम श्री योजना के तहत 241 स्कूल उत्तराखंड की शिक्षा व्यवस्था में बड़े परिवर्तन की दिशा में कार्यरत हैं। संसद में केंद्र सरकार द्वारा दी गई ऐसे ही एक महत्वपूर्ण जानकारी में बताया गया कि सहकारी क्षेत्र में प्रदेश में अब तक 1216 पैक्स इकाई स्थापित हो गई है जिनमें 669 ईआरपी पर ऑनबोर्ड हो गई हैं।
राज्यसभा में प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद श्री महेंद्र भट्ट द्वारा राज्य में केंद्र द्वारा चयनित पीएम श्री विद्यालयों और पैक्स योजना की प्रगति को लेकर सवाल पूछे गए। जिसमें एक सवाल का ज़बाब देते हुए शिक्षा राज्य मंत्री श्री जयन्त चौधरी ने बताया कि पीएम श्री योजना अपनी स्थापना के दिन 7 सितंबर, 2022 से लेकर अब तक कुल 241 विद्यालयों का चयन किया गया है। जिसमें वर्षवार राज्य के लिए स्वीकृत पीएसबी परिव्यय और स्वीकृत पीएसबी केंद्रीय अनुभाग क्रमश वित्त वर्ष 2023-24 में 72.91 करोड़ 65.62 करोड़ रुपए, 130.10 करोड़ और 117.09 करोड़ 2024-25, 2025-26 में 149.07 करोड़ और 134.16 करोड़ रुपए है।
विस्तृत ज़बाब में कहा गया कि शिक्षा संविधान की समवर्ती सूची में एक विषय है। पीएम श्री योजना के तहत, राज्य,संघ राज्य क्षेत्र स्कूल स्तर पर कमी की पहचान करके प्रस्ताव प्रस्तुत करते हैं। राज्यों, संघ राज्य क्षेत्रों द्वारा प्रस्तुत घटक-चार प्रस्तावों का मूल्यांकन किया जाता है और वित्तीय और कार्यक्रम संबंधी मानदंडों और उपलब्ध प्रावधानों के अनुसार परियोजना अनुमोदन बोर्ड द्वारा स्वीकृत किया जाता है। उत्तराखंड राज्य में आईसीटी प्रयोगशालाओं, स्मार्ट कक्षाओं, जीव विज्ञान प्रयोगशाला, रसायन विज्ञान प्रयोगशाला, भौतिकी प्रयोगशाला, व्यावसायिक शिक्षा, एलईडी लाइटिंग, खाद बनाने की सुविधाओं आदि से संबंधित परियोजनाओं को पीएवी द्वारा स्वीकृति दी गई है।
इसी तरह श्री भट्ट द्वारा “सहकारी समितियों का कंप्यूटरीकरण” के संबंध में मांगी गई जानकारी में बताया गया कि भारत सरकार ₹2,516 करोड़ के कुल वित्तीय परिव्यय से कार्यशील प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पैक्स) के कंप्यूटरीकरण की परियोजना को कार्यान्वित कर रहा है। जिसे अब बढ़ाकर 2925.39 करोड़ रुपये कर दिया गया है जिसमें सभी कार्यशील पैक्स को ईआरपी यानि एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग आधारित कॉमन राष्ट्रीय सॉफ्टवेयर पर लाकर राज्य सहकारी बैंकों और जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों के माध्यम से नाबार्ड के साथ लिंक किया जाता है। अब तक कुल 61,478 प्राथमिक कृषि ऋण समितियां यानि पैक्स कंप्यूटरीकृत और ईआरपी पर ऑनबोर्ड कर दी गई हैं। जिसके अंतर्गत राज्य में अब तक 1216 पैक्स इकाई स्थापित हो गई है जिनमें 669 ईआरपी पर ऑनबोर्ड हो रही हैं। यहां उनके द्वारा स्पष्ट किया गया है पैक्स कार्मिकों के नियुक्ति की नीति बनाने का कार्य संबंधित राज्यों, संघ राज्य क्षेत्रों की सरकारों के क्षेत्राधिकार में आता है। पैक्स कंप्यूटरीकरण परियोजना ईआरपी सॉफ्टवेयर के उपयोग के लिए कंप्यूटर साक्षरता और क्षमता निर्माण की दृष्टि से मौजूदा पैक्स के कार्मिकों को गहन प्रशिक्षण और हैंडहोल्डिंग सहायता प्रदान करता है। जिसमें ईआरपी के उपयोग, डेटा प्रविष्टि और लेखांकन, क्रेडिट प्रापण एवं वितरण जैसे प्रचालनात्मक मॉड्यूलों पर पैक्स कर्मियों का प्रशिक्षण, पैक्स कर्मियों के लिए 2 दिवसीय ईआरपी सॉफ्टवेयर प्रशिक्षण, सिस्टम इंटिग्रेटर द्वारा पैक्स कर्मियों के लिए 14 दिवसीय हैंडहोल्डिंग प्रशिक्षण, पैक्स की जरूरतों और आवश्यकता के अनुसार पुनश्चर्या प्रशिक्षण, सुगम अंगीकरण के लिए क्षेत्रीय भाषाओं में नियमित वेबिनार, हेल्पलाइन्स और उपयोगकर्ता मैनुअल, पैक्स कंप्यूटरीकरण परियोजना में प्रशिक्षण का खर्च 10,198 रुपये प्रति पैक्स है जो कुल मिलाकर 64.24 करोड़ रुपये होता है।




