रूद्रपुर,11 फरवरी 2026 ।
आगामी फॉरेस्ट फायर सीजन को देखते हुए वनाग्नि से निपटने की तैयारियों को मजबूत करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया की अध्यक्षता में जिला आपदा प्रबंधन सभागार में संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में 18 फरवरी 2026 को प्रस्तावित वनाग्नि नियंत्रण मॉक अभ्यास की तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने कहा कि वनाग्नि प्रबंधन एवं नियंत्रण की दिशा में फायर सीजन से पूर्व वन प्रभागों में उपलब्ध संसाधनों की उपलब्धता, उपयोगिता, त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता, अंतरविभागीय समन्वय एवं समुदाय की सहभागिता का अभ्यास एवं आंकलन अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि मॉक अभ्यास का उद्देश्य आपदा की स्थिति में प्रशासनिक तंत्र को परखना और उसे और अधिक सुदृढ़ करना है। मॉक ड्रिल के माध्यम से उपकरणों की कार्यक्षमता का भी परीक्षण हो जाता है।
डीएम ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि आपसी समन्वय के साथ सजगता एवं सक्रियता से कार्य करें तथा अपने-अपने दायित्वों का जिम्मेदारी से निर्वहन सुनिश्चित करें। उन्होंने डीएफओ एवं उप जिलाधिकारियों को परगनों में भी मॉक अभ्यास कराने के निर्देश दिए, ताकि वनाग्नि की घटनाओं को समय रहते रोका जा सके।
जिलाधिकारी ने जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देशित किया कि वनों से सटे गांवों में रहने वाले ग्रामीणों को वनाग्नि के प्रति जागरूक किया जाए तथा स्थानीय स्तर पर टीमें भी तैयार रखी जाएं। उन्होंने आम जनता से अपील की कि कहीं भी वनाग्नि की घटना दिखाई देने पर तत्काल आपदा कंट्रोल रूम, पुलिस अथवा वन विभाग को सूचना दें, जिससे त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी यू.सी. तिवारी ने बताया कि मौसम पूर्वानुमान के अनुसार इस वर्ष वनाग्नि की संभावनाएं अधिक हैं। उन्होंने कहा कि 15 फरवरी से 15 जून तक फायर सीजन रहता है, इसलिए सभी विभागों को पूरी सक्रियता और समन्वय के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने जानकारी दी कि 18 फरवरी को प्रातः 10:30 बजे से संजय वन क्षेत्र में वनाग्नि नियंत्रण मॉक अभ्यास आयोजित किया जाएगा।
बैठक में उप जिलाधिकारी/ओसी आपदा गौरव पाण्डेय, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी उमाशंकर नेगी, पुलिस निरीक्षक अर्जुन सिंह, रवि रावत, अग्नि सुरक्षा अधिकारी चंदन, फायरमैन प्रमोद कुमार, सहायक अभियंता लोनिवि भुवन भास्कर पाण्डे, पशु चिकित्साधिकारी डॉ. एस.के. शर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। वहीं प्रभागीय वनाधिकारी हिमांशु बागरी, एनडीआरएफ एवं एसडीआरएफ के अधिकारी वर्चुअल माध्यम से बैठक से जुड़े।
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