देहरादून 13 फरवरी।
उत्तराखंड में हाल के दिनों में सामने आई आपराधिक घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार अपराध के प्रति शून्य सहनशीलता (जीरो टॉलरेंस) की नीति पर पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है और कानून-व्यवस्था से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने इससे पूर्व भी कानून-व्यवस्था की नियमित समीक्षा बैठकों के माध्यम से अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए थे। हाल की घटनाओं के बाद पुलिस द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई पर संतोष व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि आरोपियों की समयबद्ध गिरफ्तारी यह दर्शाती है कि सरकार और पुलिस अपराध नियंत्रण को लेकर गंभीर हैं।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अपराध नियंत्रण के लिए केवल घटनाओं के बाद कार्रवाई तक सीमित न रहा जाए, बल्कि अपराध होने से पहले ही उसे रोकने के लिए पूर्व-निवारक रणनीति को और अधिक मजबूत किया जाए। उन्होंने गश्त बढ़ाने, संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखने और तकनीकी संसाधनों के बेहतर उपयोग पर जोर दिया।
इसी क्रम में पुलिस विभाग में प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक तबादले भी किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह निर्णय पुलिस व्यवस्था को और अधिक सक्रिय, जवाबदेह और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से लिया गया है, ताकि फील्ड स्तर पर कानून-व्यवस्था का बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके।
मुख्यमंत्री धामी ने विशेष रूप से मुखबिर तंत्र को सुदृढ़ करने, अपराधियों में कानून का भय स्थापित करने तथा आम नागरिकों में पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ाने पर बल दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि आमजन बिना किसी डर के अपनी शिकायतें पुलिस के समक्ष रखें और उन्हें त्वरित एवं निष्पक्ष न्याय मिलना सुनिश्चित किया जाए।
मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य उत्तराखंड को अपराध-मुक्त और सुरक्षित राज्य बनाना है, जहां कानून का राज स्थापित हो और अपराधियों के लिए कोई स्थान न बचे।

