उत्तराखंडविविध

रायपुर थाने का घेराव, नशा तस्करों को संरक्षण देने का आरोप; अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे लोग

देहरादून 13 फरवरी। रायपुर क्षेत्र में नशे के बढ़ते कारोबार को लेकर आक्रोश फूट पड़ा है। स्थानीय नागरिकों ने रायपुर थाने का घेराव करते हुए आरोप लगाया कि क्षेत्र में नशा बेचने वालों को पुलिस द्वारा संरक्षण दिया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद नशा तस्करों के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं हो रही, जिससे युवाओं का भविष्य खतरे में पड़ रहा है।
आक्रोशित लोगों ने स्पष्ट किया कि जब तक नशा तस्करों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई नहीं होती और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई सुनिश्चित नहीं की जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। इसी क्रम में बड़ी संख्या में लोग थाने के बाहर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं। धरने के दौरान नारेबाजी की गई और प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग उठाई गई।
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि रायपुर क्षेत्र में खुलेआम नशीले पदार्थों की बिक्री हो रही है, जिससे अपराध बढ़ रहे हैं और सामाजिक माहौल खराब हो रहा है। उनका आरोप है कि कुछ मामलों में कार्रवाई के बजाय तस्करों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है, जिसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
धरने का नेतृत्व कर रहे विनीत प्रसाद भट्ट ने कहा कि यह आंदोलन केवल एक दिन का नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने जल्द ठोस कदम नहीं उठाए, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। उन्होंने मांग की कि नशा तस्करों के खिलाफ सख्त अभियान चलाया जाए, दोषी पुलिसकर्मियों की पहचान कर कार्रवाई हो और क्षेत्र को नशा-मुक्त बनाने के लिए स्थायी योजना लागू की जाए।
फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन की ओर से बातचीत की कोशिशें जारी हैं, जबकि प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अडिग हैं।

Related Articles

Back to top button