उत्तराखंडराज्य

ईज ऑफ डूइंग बिजनेस फेज-2 की समीक्षा, डी-रेगुलेशन में उत्तराखंड देश में पांचवें स्थान पर

देहरादून,16 फरवरी। केंद्र सरकार द्वारा कारोबार में सुगमता बढ़ाने के लिए गठित टास्क फोर्स की अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की सचिव मीता राजीव लोचन तथा मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में सोमवार को सचिवालय में राज्य में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (फेज-2) के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की गई।
बैठक में मीता राजीव लोचन ने बताया कि डी-रेगुलेशन 1.0 कम्प्लायंस रिडक्शन में उत्तराखंड ने देश में पांचवां स्थान प्राप्त किया है। उन्होंने सिंगल विंडो सिस्टम, लैंड यूज, होम-स्टे, उद्यमिता एवं श्रम सुधारों के क्षेत्र में उत्तराखंड सरकार द्वारा किए जा रहे नवाचारों की सराहना की। उन्होंने बताया कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस फेज-2 के अंतर्गत राज्य के लिए कुल 9 प्राथमिकताएं निर्धारित की गई हैं, जिनमें भूमि उपयोग, भवन एवं निर्माण स्वीकृति के लिए सिंगल विंडो सिस्टम, पर्यावरण और पर्यटन क्षेत्र में नवाचार शामिल हैं। इनका उद्देश्य विकास कार्यों को गति देना, निवेश को प्रोत्साहित करना और आधारभूत ढांचे को मजबूत करना है।
राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की सचिव ने सुझाव दिया कि उद्योगों से जुड़े प्रकरणों एवं प्रस्तावों को निर्धारित समय के भीतर स्वीकृति देने की व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जाए। साथ ही छोटे उद्योगों के लिए सेल्फ-सर्टिफिकेशन की व्यवस्था लागू करने पर भी जोर दिया, जिससे छोटे निवेशकों को बढ़ावा मिल सके।
उन्होंने बताया कि उत्तराखंड का मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर राज्य के सकल घरेलू उत्पाद (GSDP) में लगभग 26 प्रतिशत का योगदान देता है, जो राष्ट्रीय औसत से अधिक है। इस क्षेत्र का करीब 65 प्रतिशत हिस्सा औपचारिक रूप से पंजीकृत औद्योगिक इकाइयों द्वारा संचालित है। कुशल मानव संसाधन, उच्च साक्षरता दर, जीवन की बेहतर गुणवत्ता और अनुकूल प्राकृतिक वातावरण के कारण उत्तराखंड निवेश के लिए एक आकर्षक गंतव्य बनकर उभरा है।
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने कहा कि राज्य में निवेश-अनुकूल वातावरण विकसित करने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से उद्योगों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि भवन एवं निर्माण, बिजली, श्रम सुधार, अग्निशमन, पर्यटन, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सुधार के लिए प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस फेज-2 के तहत केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित मानकों का समयबद्ध और सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में केंद्रीय अपर सचिव राहुल शर्मा, राजेश शर्मा, सचिव आर. राजेश कुमार, श्रीधर बाबू अदांकी, रंजीत सिन्हा, रविशंकर, विशेष सचिव मधुकर पराग धकाते, अपर सचिव आनंद श्रीवास्तव, डॉ. सौरभ गहरवार, अभिषेक रोहेला सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

Related Articles

Back to top button