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सरस आजीविका मेले में पर्यावरण व बर्ड वॉचिंग पर जागरूकता, विशेषज्ञों ने दिए संरक्षण के संदेश

रूद्रपुर,16 फरवरी 2026। गांधी पार्क में आयोजित सरस आजीविका मेले के तृतीय दिवस पर वन विभाग के समन्वय से विभिन्न विशेषज्ञों द्वारा पर्यावरण संरक्षण, सतत जीवनशैली और बर्ड वॉचिंग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर संवाद किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित स्कूली बच्चों एवं आम जनमानस को पर्यावरण के प्रति जागरूक करते हुए कई उपयोगी जानकारियाँ साझा की गईं।
(आयोजन स्थल: गांधी पार्क)
डॉ. रमन (Director, Nature Science Initiative Organization) ने Sustainable Lifestyle के लिए Behaviour Change पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संसाधनों का संतुलित उपयोग, प्लास्टिक का कम प्रयोग, ऊर्जा बचत और प्रकृति-अनुकूल जीवनशैली जैसे छोटे-छोटे व्यक्तिगत प्रयास मिलकर पर्यावरण संरक्षण में बड़ा योगदान दे सकते हैं।
पक्षी प्रेमी राजेश भट्ट ने बर्ड वॉचिंग के महत्व पर चर्चा करते हुए बताया कि पक्षी जैव विविधता के प्रमुख सूचक होते हैं। उनकी पहचान, व्यवहार और आवास को समझना संरक्षण की दृष्टि से अत्यंत आवश्यक है। वहीं पक्षी प्रेमी राजीव बिष्ट ने बर्ड वॉचिंग से जुड़े रोजगार के अवसरों पर जानकारी देते हुए स्थानीय लोगों को इससे जुड़ी संभावनाओं से अवगत कराया।
सेवानिवृत्त मुख्य प्रशासनिक अधिकारी, वन विभाग के.एस. सजवाण ने Ethical Birding पर जोर देते हुए कहा कि पक्षियों को बिना परेशान किए, उनके आवास का सम्मान करते हुए और नेस्टिंग साइट से दूरी बनाकर बर्डिंग करनी चाहिए, ताकि उनका संरक्षण सुनिश्चित हो सके।
नानकमत्ता पब्लिक स्कूल की कक्षा 11 की छात्रा जिया कठायत ने स्कूली बच्चों से प्रकृति और पक्षियों से प्रेम करने का आह्वान किया। उल्लेखनीय है कि जिया कठायत का चयन Young Birder U.S. में भी हुआ है।
प्रभागीय वनाधिकारी तराई केंद्रीय वन प्रभाग यू.सी. तिवारी ने सरस मेले के अवसर पर पर्यावरण संतुलन और संरक्षण में आम जनमानस की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान विभिन्न विद्यालयों द्वारा बच्चों को सरस मेले का भ्रमण भी कराया गया।
कार्यक्रम में हिमांशु जोशी (पीडी), सुशील मोहन डोभाग (जिला विकास अधिकारी), व्योमा जैन, नंदनी तोमर, शशि देव सहित वन विभाग के कार्मिक, स्कूली विद्यार्थी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

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