Breaking Newsउत्तराखंड

पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय के 37वें दीक्षांत समारोह में राज्यपाल गुरमीत सिंह का आह्वान: युवा बनें रोजगार सृजनकर्ता

देहरादून/पंतनगर, 07 अप्रैल 2026 ।गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, पंतनगर में आयोजित 37वें दीक्षांत समारोह में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी, सांसद अजय भट्ट एवं कुलसचिव डॉ.दीपा विनय मंचासीन रहे।
राज्यपाल ने समारोह के दौरान विश्वविद्यालय परिसर में विद्यार्थी बाजार का उद्घाटन किया और इसे युवाओं में उद्यमिता तथा आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने वाला महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने विद्यार्थियों द्वारा तैयार उत्पादों की गुणवत्ता और नवाचार की सराहना की।
अपने संबोधन में राज्यपाल ने दीक्षांत समारोह को जीवन की पूर्णता का प्रतीक बताते हुए विद्यार्थियों को “नए युग” के अनुरूप तैयार रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि Artificial Intelligence, Quantum Computing, रोबोटिक्स, साइबर तकनीक और स्पेस साइंस जैसी आधुनिक तकनीकों के दौर में युवाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।
उन्होंने छात्रों से नौकरी तलाशने के बजाय रोजगार सृजनकर्ता बनने का आह्वान किया और स्टार्टअप, एग्री-बिजनेस एवं फूड प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में आगे बढ़ने की सलाह दी। साथ ही ‘लैब से लैंड’ और ‘फाइल से फील्ड’ की अवधारणा अपनाने पर जोर दिया।
समारोह में कुल 1,395 विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान की गई, जबकि 36 मेधावी छात्रों को गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल से सम्मानित किया गया। राज्यपाल ने इस उपलब्धि को विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों के सामूहिक प्रयास का परिणाम बताया।
कृषि मंत्री गणेश जोशी ने विश्वविद्यालय को भारतीय कृषि की आधारशिला बताते हुए कहा कि यहीं से हरित क्रांति को नई दिशा मिली। उन्होंने पंतनगर द्वारा विकसित पंत धान, गेहूं, मक्का, सरसों और सोयाबीन जैसी उन्नत किस्मों का उल्लेख करते हुए किसानों के लिए इसकी उपयोगिता बताई। साथ ही केंद्र और राज्य सरकार की किसान-हितैषी योजनाओं का भी जिक्र किया।
कुलपति डॉ. मनमोहन सिंह चौहान ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि संस्थान को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा तीन बार ‘सरदार पटेल आउटस्टैंडिंग इंस्टीट्यूशन अवॉर्ड’ से सम्मानित किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि अब तक 46,643 विद्यार्थियों को डिग्री दी जा चुकी है और 361 उन्नत कृषि तकनीकों का विकास हुआ है।
कार्यक्रम में विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति, वैज्ञानिक, लोक कलाकार माधुरी बड़थ्वाल, शोधकर्ता, अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
समारोह के अंत में राज्यपाल ने ‘राष्ट्र सर्वोपरि’ का संदेश देते हुए युवाओं को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित

Related Articles

Back to top button