
देहरादून, 10 अप्रैल 2026। चारधाम एवं हेमकुंड साहिब यात्रा-2026 को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए पुलिस मुख्यालय में डीजीपी दीपम सेठ की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में यात्रा मार्गों, धामों और संबंधित जनपदों में सुरक्षा, यातायात, भीड़ नियंत्रण और आपदा प्रबंधन की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई।
डीजीपी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी। इसके लिए पूरे यात्रा क्षेत्र को 16 सुपर जोन, 43 जोन और 149 सेक्टर में विभाजित किया गया है, जहां लगभग 7000 पुलिसकर्मी 24×7 तैनात रहेंगे।
बैठक में बताया गया कि चारधाम यात्रा मार्गों पर 118 पार्किंग स्थल चिन्हित किए गए हैं, जबकि 52 बॉटलनेक प्वाइंट, 109 लैंडस्लाइड जोन, 274 दुर्घटना संभावित स्थल और 61 ब्लैक स्पॉट की पहचान कर आवश्यक सुरक्षा इंतजाम किए जा रहे हैं।
सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए धामों में ATS टीमों की तैनाती की जाएगी और समय-समय पर मॉक ड्रिल आयोजित कर पुलिस रिस्पॉन्स की जांच की जाएगी। साथ ही 92 सीसीटीवी कैमरे धामों में और 1168 कैमरे यात्रा मार्गों पर लगाए गए हैं। हवाई निगरानी के लिए 15 ड्रोन भी तैनात किए जाएंगे।
आईजी गढ़वाल रेंज राजीव स्वरूप को चारधाम यात्रा-2026 का नोडल अधिकारी बनाया गया है। उनके नेतृत्व में “एकीकृत चारधाम यात्रा कंट्रोल रूम” से 24×7 मॉनिटरिंग की जाएगी।
यात्रियों की सुविधा के लिए 57 टूरिस्ट पुलिस सहायता केंद्र, 48 हॉल्टिंग पॉइंट और 9 ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन सेंटर स्थापित किए गए हैं। वहीं आपात स्थितियों से निपटने के लिए NDRF, SDRF और फायर सर्विस की टीमें अलर्ट मोड पर रहेंगी।
डीजीपी ने सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। साथ ही फर्जी रजिस्ट्रेशन और हेली टिकट वेबसाइटों पर STF की विशेष निगरानी रहेगी।
उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा उत्तराखंड का महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन है, जिसमें देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु आते हैं। ऐसे में यात्रा को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाना पुलिस की सर्वोच्च जिम्मेदारी है।



