उत्तराखंडधर्म/संस्कृति

देहरादून में 29वीं श्री जगन्नाथ रथयात्रा भव्य श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न, हजारों श्रद्धालुओं ने खींचा प्रभु का रथ

देहरादून,16 जुलाई 2026। परम आदरणीय शक्तिपुत्र डॉ. पंडित सुभाष चंद्र शतपथी के पावन सानिध्य में श्री राम मंदिर समिति, दीपलोक कॉलोनी एवं श्री श्री जगन्नाथ जी रथयात्रा आयोजन समिति द्वारा जनपद देहरादून में 29वीं श्री जगन्नाथ रथयात्रा का भव्य आयोजन किया गया। श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक समरसता के वातावरण में निकली इस रथयात्रा में हजारों श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर प्रभु श्री जगन्नाथ, बलभद्र और माता सुभद्रा के जयकारों से पूरा शहर गुंजायमान कर दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रातःकाल प्रभु श्री जगन्नाथ की विशेष पूजा-अर्चना एवं नवयौवन दर्शन से हुई। इसके बाद ‘पाहंडी विजय’ परंपरा के तहत हरि बोल के जयघोष के साथ प्रभु श्री जगन्नाथ, भगवान बलभद्र, माता सुभद्रा एवं सुदर्शन जी को नंदीघोष रथ में विराजमान कराया गया। रथ की विधिवत पूजा-अर्चना के पश्चात यात्रा का शुभारंभ हुआ।
समिति अध्यक्ष प्रमोद गुप्ता ने बताया कि यात्रा संचालन का दायित्व पृथ्वीनाथ महादेव मंदिर सेवादल के संजय कुमार गर्ग को पगड़ी पहनाकर सौंपा गया।
कैबिनेट मंत्री खजान दास ने निभाई ‘छेरा पहरा’ की परंपरा
रथयात्रा से पूर्व भगवान के समक्ष झाड़ू लगाकर मार्ग की सफाई करने की परंपरा ‘छेरा पहरा’ निभाई गई। इस अवसर पर उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री खजान दास, अशोक वर्मा, श्याम अग्रवाल, विशाल गुप्ता, सूर्यकांत धस्माना एवं लालचंद शर्मा ने महाराज के प्रतिनिधि के रूप में पगड़ी धारण कर भगवान की पूजा-अर्चना एवं आरती की तथा झाड़ू लगाकर इस प्राचीन परंपरा का निर्वहन किया।
हरेला पर्व भी मनाया गया
रथयात्रा प्रारंभ होने से पहले मंदिर परिसर में उत्तराखंड के लोकपर्व हरेला का भी आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं को पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए पौधों का वितरण किया गया।
मनीष अरोड़ा बने प्रभु के सारथी
दिल्ली निवासी मनीष अरोड़ा ने प्रभु के सारथी की भूमिका निभाई। श्रद्धालुओं ने दिव्य रस्सी खींचते हुए हरि बोल के जयघोष के साथ रथयात्रा को आगे बढ़ाया।
गुंडीचा (मौसी) मंदिर में हुआ भव्य स्वागत
किशन नगर चौक स्थित गुंडीचा (मौसी) मंदिर में प्रभु का भव्य स्वागत किया गया। मंदिर ट्रस्टी केशव गोयल, मुकेश कुमार, मोहन जोशी, विरमानी जी, मंदिर आचार्यों एवं मातृशक्ति ने भगवान की आरती उतारी तथा फल, वस्त्र, मिष्ठान, सूखे मेवे एवं आभूषण अर्पित किए।
इन मार्गों से निकली रथयात्रा
रथयात्रा किशन नगर से कनॉट प्लेस, चकराता रोड, घंटाघर, पलटन बाजार, धामावाला, रामलीला बाजार, भंडारी चौक, तिलक रोड एवं बिंदाल चौक होते हुए सायंकाल पुनः मंदिर परिसर में संपन्न हुई।
सामाजिक एकता का संदेश
उत्सव मंत्री जे.एस. चुग ने कहा कि श्री जगन्नाथ रथयात्रा सामाजिक एवं धार्मिक एकता का प्रतीक है। यह यात्रा सनातन संस्कृति को सशक्त बनाने के साथ-साथ सामाजिक सौहार्द और भाईचारे को भी बढ़ावा देती है।
माननीयों एवं समाज के गणमान्य लोगों की रही उपस्थिति
रथयात्रा में महापौर सौरभ थपलियाल, राज्य मंत्री सुनील उनियाल गामा, अशोक वर्मा, अर्चित डाबर, बलदेव प्राशर, पंकज मैसौन, दिव्या सेठी, आचार्य सुभाष जोशी, मनमोहन शर्मा सहित अनेक जनप्रतिनिधि, सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
यात्रा मार्ग में सैकड़ों स्थानों पर श्रद्धालुओं, व्यापारियों एवं क्षेत्रवासियों ने पुष्पवर्षा कर रथयात्रा का स्वागत किया तथा फल, शीतल पेय, राजमा-चावल, कढ़ी-चावल, मिष्ठान, बिस्किट एवं पेयजल का वितरण किया।
युवा सेना और मातृशक्ति का विशेष सहयोग
रथयात्रा के सफल संचालन में मनीष मौर्य के नेतृत्व में जगन्नाथ युवा सेना, घंटानाद मंडली तथा 25 से 35 युवाओं की टीम एवं मातृशक्ति ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
महाप्रसाद के साथ हुआ समापन
सायंकाल मंदिर परिसर में भगवान की आरती एवं दिव्य लीलाओं के आयोजन के बाद सभी श्रद्धालुओं ने महाप्रसाद ग्रहण किया। आयोजन की सफलता में श्री श्री जगन्नाथ गुंडीचा रथयात्रा समिति, श्री राम मंदिर समिति, पृथ्वीनाथ महादेव मंदिर सेवादल तथा देहरादून की अनेक धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं का उल्लेखनीय सहयोग रहा। कार्यक्रम में शहर के विभिन्न मंदिरों, व्यापारिक संगठनों, सामाजिक संस्थाओं एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया।

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