हरेला पर राज्यपाल का आह्वान: पंतनगर विश्वविद्यालय बने ‘ग्रीन रिवोल्यूशन 2.0’ का नेतृत्वकर्ता
देहरादून/उधमसिंह नगर,16 जुलाई। रा
ज्यपाल एवं कुलाधिपति लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.) ने गोविन्द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, पंतनगर में हरेला पर्व के अवसर पर आयोजित 15 दिवसीय ‘हरित यज्ञ’ अभियान का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने तराई भवन परिसर में रुद्राक्ष का पौधा रोपित किया तथा गांधी हॉल में आम की विभिन्न किस्मों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
राज्यपाल ने कहा कि हरेला केवल एक पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति, किसान और मातृभूमि के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि जिस पंतनगर विश्वविद्यालय ने देश को हरित क्रांति का मार्ग दिखाया, अब वही संस्थान ‘ग्रीन रिवोल्यूशन 2.0’ का नेतृत्व करने की क्षमता रखता है।
उन्होंने कृषि में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), डेटा विज्ञान, जल संरक्षण, कार्बन प्रबंधन और आधुनिक तकनीकों के अधिकाधिक उपयोग पर बल देते हुए कहा कि भविष्य की कृषि जलवायु-अनुकूल, तकनीक आधारित और किसान-केंद्रित होनी चाहिए। उन्होंने विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों से आह्वान किया कि उनका प्रत्येक शोध सीधे किसानों तक पहुंचे और उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाए।
राज्यपाल ने उत्तराखंड की 71 प्रतिशत वन संपदा और पर्यावरण संरक्षण में महिलाओं के ऐतिहासिक योगदान का उल्लेख करते हुए विश्वविद्यालय द्वारा 50 हजार पौधरोपण के संकल्प की सराहना की। उन्होंने कहा कि पौधे लगाना जितना जरूरी है, उनका संरक्षण उससे भी अधिक आवश्यक है।
कार्यक्रम में डॉ. शैलेन्द्र ने हरेला को भारतीय संस्कृति और प्रकृति संरक्षण का जीवंत प्रतीक बताते हुए गौरा देवी, अमृता देवी बिश्नोई और चिपको आंदोलन का उल्लेख किया। उन्होंने प्रत्येक नागरिक से कम से कम तीन पौधे लगाने और उनके संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया।
कुलपति डॉ. शिवेंद्र कुमार कश्यप ने कहा कि पंतनगर विश्वविद्यालय देश की हरित क्रांति का जन्मस्थान रहा है और आज भी कृषि अनुसंधान, नवाचार तथा किसान हितैषी तकनीकों के विकास में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। उन्होंने विश्वविद्यालय में हाल ही में आयोजित ब्रेन 3.0 कार्यक्रम और कृषि नवाचार से जुड़ी नई परियोजनाओं की जानकारी भी दी।
इस अवसर पर ड्रैगन फ्रूट की खेती में उत्कृष्ट कार्य के लिए अनूप मौर्य को राज्यपाल ने प्रशस्ति पत्र तथा 1.25 लाख रुपये की पुरस्कार राशि का चेक प्रदान कर सम्मानित किया।
राज्यपाल ने विश्वविद्यालय के पांच प्रतिष्ठित पूर्व छात्रों को भी सम्मानित किया। इन पूर्व छात्रों ने विश्वविद्यालय के साथ संपीडित बायोगैस एवं बायो-रिफाइनरी, फर्टिगेशन प्रणाली में स्वचालन, कार्बन मैपिंग एवं कार्बन क्रेडिट परामर्श, उन्नत खाद्य अनुसंधान तथा कृषि नवाचार एवं उद्यमिता केंद्र जैसी महत्वाकांक्षी परियोजनाओं पर एमओयू करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के अंत में महाप्रबंधक (ऑपरेशन फार्म) डॉ. अमित भटनागर ने बताया कि भारतीय स्टेट बैंक, पंतनगर शाखा ने पौधों की खरीद के लिए 3 लाख रुपये की सहायता राशि तथा पौधों की सुरक्षा के लिए 500 ट्री गार्ड उपलब्ध कराए हैं।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के अधिकारी, प्राध्यापक, कर्मचारी, विद्यार्थी, किसान, पूर्व छात्र और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।


