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पांच वर्ष के कार्यकाल के बाद राज्यपाल गुरमीत सिंह की लोक भवन से विदाई, पुस्तक ‘अनथक युयुत्सा’ का किया विमोचन

पीएसी की टुकड़ी ने दिया गार्ड ऑफ ऑनर, उत्तराखण्ड में बिताए पांच वर्षों को बताया जीवन का विशेष और यादगार समय

देहरादून,18 अक्टूबर। उत्तराखण्ड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) अपने पांच वर्ष के कार्यकाल की पूर्णता के बाद रविवार को लोक भवन, देहरादून से विदा हुए। इस अवसर पर पीएसी की टुकड़ी ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया। लोक भवन से विदाई के दौरान अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए उनके साथ बिताए गए समय और अनुभवों को याद किया। सभी ने उनके आगामी जीवन के लिए सुख, उत्तम स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
राज्यपाल गुरमीत सिंह ने इस अवसर पर लोक भवन परिवार के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के सहयोग, समर्पण और टीम भावना के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में बिताए गए पांच वर्ष उनके जीवन का विशेष और यादगार समय रहे हैं। इस दौरान उन्हें प्रदेश की जनता के साथ आत्मीय जुड़ाव बनाने तथा जनसेवा के विभिन्न अवसरों पर कार्य करने का अनुभव प्राप्त हुआ।
‘अनथक युयुत्सा’ में समाहित है राज्यपाल की प्रेरक जीवन यात्रा
लोक भवन से विदाई से पूर्व आयोजित एक संक्षिप्त कार्यक्रम में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) के जीवन पर आधारित पुस्तक ‘अनथक युयुत्सा’ का विमोचन किया गया। पुस्तक के लेखक प्रोफेसर अधीर कुमार हैं। इसमें राज्यपाल के जीवन के विभिन्न पड़ावों और उनके संघर्षों को विस्तार से दर्शाया गया है।
पुस्तक में पंजाब के एक गांव से निकलकर भारतीय सेना में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का निर्वहन करने और इसके बाद उत्तराखण्ड के राज्यपाल पद तक पहुंचने की उनकी प्रेरक जीवन यात्रा को प्रस्तुत किया गया है। इसमें उनके सैन्य अनुभवों, चुनौतियों और संघर्षों के साथ-साथ राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण, दृढ़ संकल्प और साहस को रेखांकित किया गया है।
‘अनथक युयुत्सा’ राज्यपाल के जीवन के उन अनुभवों को सामने लाती है, जो निरंतर प्रयास, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्र के प्रति समर्पण की प्रेरणा देते हैं।
गणेश जोशी सहित अनेक गणमान्य रहे उपस्थित
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि के रूप में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, सचिव राज्यपाल रविनाथ रामन, अपर सचिव रीना जोशी, पुस्तक के लेखक प्रोफेसर अधीर कुमार सहित विभिन्न प्रशासनिक अधिकारी तथा लोक भवन के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
राज्यपाल की विदाई के अवसर पर लोक भवन में भावपूर्ण माहौल रहा। अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उनके साथ कार्य करने के अनुभव साझा किए और उनके भावी जीवन के लिए शुभकामनाएं दीं।

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