उत्तराखंडराज्य

उत्तराखंड, केंद्र पीएम आवास का 70 फ़ीसदी लक्ष्य पूरा, अटल पेंशन से भी 8 लाख लोग हुए सुरक्षित!

देहरादून 2 दिसंबर। सरकार की प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवंटित आवासों का 70 फ़ीसदी लक्ष्य हासिल करने में सफल हुआ हैं। वहीं लगभग 8 लाख से अधिक लोगों का भविष्य अटल पेंशन योजना से सुरक्षित किया गया है।

प्रदेशाध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद श्री महेंद्र भट्ट द्वारा राज्यसभा में पूछे गए प्रश्नों के जवाब में यह जानकारी सामने आई है। उनके द्वारा अतारांकित प्रश्न सं. 85 के अंतर्गत मांगे जवाब पर जानकारी देते हुए केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री श्री तोखन साहू ने बताया कि 25 जून 2015 से प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी (पीएमएवाई-यू) का कार्यान्वयन कर रहा है, जिसका उद्देश्य देश भर के पात्र शहरी लाभार्थियों को बुनियादी नागरिक सुविधाओं के साथ, सभी मौसमों में रहने योग्य पक्के आवास प्रदान करना है। स्वीकृत आवासों को पूरा करने के लिए वित्त पोषण पैटर्न और कार्यान्वयन पद्धति को बिना बदले योजना की अवधि 31 दिसंबर 25 तक बढ़ा दी गई है। उत्तराखंड राज्य द्वारा प्रस्तुत परियोजना प्रस्ताव के आधार पर, मंत्रालय द्वारा अब तक पीएमएवाई-यू 2.0 के तहत 2736 आवासों सहित पीएमएवाई-यू के तहत कुल 66,341 आवासों को स्वीकृति प्रदान की गई है। जिसमें से, 24 नवम्बर 2025 तक 45,124 आवास पूरे किये जा चुके लाभार्थियों को सौंपे जा चुके हैं। इस वित्त वर्ष में अब तक मंत्रालय द्वारा पीएमएवाई-यू 2.0 के तहत कुल 2,736 आवासों को स्वीकृति प्रदान की गई है। इस वित्त वर्ष के दौरान, पीएमएवाई-यू और पीएमएवाई-यू 2.0 के तहत उत्तराखंड राज्य को 69.21 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता भी जारी की गई है।

इसी तरह वित्त मंत्रालय से संबंधित पूछे गए अतारांकित प्रश्न संख्या 253 के जवाब में वित्त राज्य मंत्री श्री पंकज चौधरी ने बताया कि अटल पेंशन योजना को 9 मई 2015 को आरंभ किया गया था, जिसका उद्देश्य सभी भारतीयों, विशषकर गरीबों, पिछड़े लोगों और असंगठित क्षेत्र में काम करने वालों के लिए एक व्यापक सामाजिक सुरक्षा प्रणाली बनाना था। यह भारत के 18-40 साल की उम्र के सभी नागरिकों के लिए है, जिनका बैंक या डाकघर में बचत बैंक खाता है। इस योजना के अनुसार, अभिदाता को 60 साल की उम्र होने पर पेंशन का लाभ मिलेगा। इसलिए, एपीवाई के तहत पेंशन का लाभ 2035 से शुरू होने की आशा है। इस योजना में 31 अक्टूबर 2025 तक, उत्तराखंड में असंगठित क्षेत्र के लोगों समेत योजना में कुल 8,91,202 लोग नामांकित किए गए हैं।

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