नैनीताल 04 फरवरी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नैनीताल दौरे के दौरान गोला नदी पर सिंचाई एवं पेयजल आपूर्ति के लिए निर्माणाधीन जमरानी बहुउद्देशीय बांध परियोजना का निरीक्षण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने परियोजना की प्रगति की जानकारी अधिकारियों एवं अभियंताओं से ली तथा समस्त निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा में उच्च गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूर्ण करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री का स्थानीय लोगों द्वारा फूलों से स्वागत किया गया। एक बच्ची ने मुख्यमंत्री को फूलमाला पहनाकर अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री ने परियोजना में कार्यरत श्रमिकों से मुलाकात की, उनके साथ फोटो खिंचवाई और उनका उत्साहवर्धन किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जनभावनाओं का सम्मान करते हुए जमरानी बांध परियोजना को स्वीकृति मिली है, जिसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार योजनाओं को केवल कागजों तक सीमित नहीं रखती, बल्कि उन्हें धरातल पर उतारने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। जनहित से जुड़े विकास कार्यों में धनराशि या किसी भी प्रकार की बाधा को आड़े नहीं आने दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जमरानी बांध परियोजना उत्तराखण्ड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कड़ी सिद्ध होगी। परियोजना के पूर्ण होने से क्षेत्र में सिंचाई एवं पेयजल व्यवस्था सुदृढ़ होगी। इसके साथ ही स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। इस परियोजना से कुमाऊं के तराई क्षेत्र के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के किसानों एवं क्षेत्रवासियों को भी प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होगा।
परियोजना के महाप्रबंधक महेश खरे ने जानकारी दी कि परियोजना की दो सुरंगों से जुड़े कार्य लगभग 88 प्रतिशत पूर्ण हो चुके हैं। नदी के जल प्रवाह को मोड़ने के लिए कॉफर डैम का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है। उन्होंने बताया कि जून 2026 तक सुरंग निर्माण एवं कृत्रिम डैम का कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा, जबकि परियोजना को जून 2029 तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
निरीक्षण के अवसर पर कालाढुंगी विधायक बंशीधर भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष दीपा दर्मवाल, दर्जा राज्यमंत्री डॉ. अनिल कपूर डब्बू, दिनेश आर्य, नवीन वर्मा, आयुक्त दीपक रावत, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल तथा एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।



