देहरादून 11 फरवरी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश में कानून व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा है कि उत्तराखण्ड में कानून व्यवस्था से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी प्रकार के अपराधों पर तत्काल मुकदमे दर्ज करने और अपराधियों के विरुद्ध कठोर व प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री धामी आज मुख्यमंत्री आवास में आयोजित प्रदेश की कानून व्यवस्था की समीक्षा हेतु उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में उन्होंने विशेष रूप से आदतन एवं संगठित अपराध में संलिप्त अपराधियों पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे तत्वों की पहचान कर उनके विरुद्ध विधिक प्रावधानों के अंतर्गत कठोरतम कार्रवाई की जाए, ताकि समाज में कानून का भय स्थापित हो और आमजन स्वयं को सुरक्षित महसूस कर सकें।
पुलिस को पूरी सक्रियता और जवाबदेही से कार्य करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस पूरी सक्रियता, सतर्कता और जवाबदेही के साथ कार्य करे। थानों और चौकियों की कार्यप्रणाली को और अधिक सुदृढ़ किया जाए। साथ ही संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त और निगरानी बढ़ाने की कड़ी हिदायत दी गई।
उन्होंने शहरी क्षेत्रों में यातायात और सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए विशेष अभियान चलाने के भी निर्देश दिए।
असामाजिक तत्वों पर कठोरतम कार्रवाई
मुख्यमंत्री धामी ने दो टूक कहा कि अपराधियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। कानून हाथ में लेने वालों, असामाजिक तत्वों और प्रदेश की शांति भंग करने का प्रयास करने वालों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।
“अपराध मुक्त उत्तराखण्ड” सरकार का संकल्प
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि परिणाम धरातल पर दिखने चाहिए और जनता को सुरक्षा का अनुभव होना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार “अपराध मुक्त उत्तराखण्ड” के संकल्प के साथ कार्य कर रही है। प्रदेश की शांति, सुरक्षा और सुशासन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों की नियमित समीक्षा की जाए और हर स्तर पर जवाबदेही तय की जाए, ताकि प्रदेश में कानून का राज और अधिक सशक्त हो सके।
बैठक में ये रहे उपस्थित
बैठक में मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक (डीजीपी), सचिव गृह, एडीजीपी (लॉ एंड ऑर्डर), गढ़वाल आयुक्त सहित पुलिस एवं शासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


