
देहरादून 07 मार्च । राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने शनिवार को लोक भवन में उत्तराखण्ड ग्रामीण बैंक की कॉफी टेबल बुक “समिट्सः द जर्नी ऑफ उत्तराखण्ड ग्रामीण बैंक” का विमोचन किया। इस अवसर पर उन्होंने बैंक के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को इस महत्वपूर्ण पहल के लिए बधाई दी।
कॉफी टेबल बुक में वर्ष 1983 से प्रारम्भ हुई क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों की विरासत से लेकर वर्ष 2012 में उत्तराखण्ड ग्रामीण बैंक के गठन तक की यात्रा को संक्षेप में प्रस्तुत किया गया है। इसमें बैंक के विकास, वित्तीय समावेशन, तकनीकी नवाचार, स्वयं सहायता समूहों और महिला उद्यमियों के सशक्तीकरण सहित बैंक की विभिन्न उपलब्धियों और भविष्य की दृष्टि को भी दर्शाया गया है।
इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि किसी भी संस्था की यात्रा का व्यवस्थित दस्तावेजीकरण अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। इससे न केवल अतीत की उपलब्धियाँ सुरक्षित रहती हैं, बल्कि भविष्य की दिशा भी स्पष्ट होती है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह कॉफी टेबल बुक बैंक की गौरवपूर्ण यात्रा और समाज के प्रति उसके योगदान को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करेगी।
राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखण्ड एक पर्वतीय राज्य है, जहाँ भौगोलिक परिस्थितियाँ कई बार चुनौतीपूर्ण होती हैं। ऐसे क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना बेहद महत्वपूर्ण है। इस दिशा में उत्तराखण्ड ग्रामीण बैंक ने ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को औपचारिक बैंकिंग प्रणाली से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
उन्होंने सुझाव दिया कि इस कॉफी टेबल बुक को प्रदेश के जनप्रतिनिधियों, जिला अधिकारियों और स्वयं सहायता समूहों से जुड़े लोगों तक भी पहुँचाया जाए, ताकि उन्हें बैंक की भूमिका और योगदान की जानकारी मिल सके।
इस अवसर पर उत्तराखण्ड ग्रामीण बैंक के चेयरमैन हरि हर पटनायक, जीएम (प्रशासन) अमिता रतूड़ी, जीएम (नेटवर्क) भारती नौडियाल, जीएम (नेटवर्क एवं ऑडिट) राजीव प्रकाश, जीएम (विजिलेंस एवं आईटी) आशीष गुप्ता सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

