उत्तराखंडधर्म/संस्कृति

संवाद से ही समाधान, संवाद खत्म तो संघर्ष शुरू: राज्यपाल गुरमीत सिंह

महावीरायतन फाउंडेशन के ‘संवाद से समाधान’ कार्यक्रम में बोले राज्यपाल—अहिंसा, समरसता और सह-अस्तित्व से बनेगा सशक्त समाज

देहरादून, 4 अगस्त। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.) ने कहा कि वर्तमान समय में जब पूरी दुनिया विभिन्न संघर्षों और चुनौतियों से जूझ रही है, ऐसे में संवाद ही हर समस्या के समाधान का सबसे प्रभावी और स्थायी माध्यम है। जहां संवाद समाप्त होता है, वहीं से संघर्ष की शुरुआत होती है। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड से संवाद, शांति, अहिंसा और सह-अस्तित्व का संदेश पूरे देश और विश्व तक पहुंचना चाहिए।
राज्यपाल मंगलवार को लोक भवन में महावीरायतन फाउंडेशन की ओर से आयोजित ‘संवाद से समाधान’ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने भगवान महावीर स्वामी के जीवन-दर्शन का उल्लेख करते हुए कहा कि भगवान महावीर ने आत्मसंयम, अहिंसा, करुणा और समरसता का मार्ग दिखाया। उनके सिद्धांत आज भी पूरी तरह प्रासंगिक हैं और मानव समाज को शांति, सद्भाव तथा सह-अस्तित्व का संदेश देते हैं। भगवान महावीर का ‘जियो और जीने दो’ का संदेश संपूर्ण मानवता के लिए प्रेरणास्रोत है।
विविधता में एकता भारत की ताकत
राज्यपाल ने कहा कि भारत की सबसे बड़ी शक्ति उसकी विविधता में निहित एकता है और यही ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की मजबूत नींव है। भारत की आत्मा उसकी संस्कृति और साझा मूल्यों में बसती है। संवाद, आपसी समझ और सामाजिक समरसता के माध्यम से ही सशक्त समाज और सशक्त राष्ट्र का निर्माण किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि विश्व के अनेक हिस्से आज संघर्षों से प्रभावित हैं। ऐसे चुनौतीपूर्ण समय में उत्तराखंड जैसे शांतिप्रिय और आध्यात्मिक प्रदेश से शांति, संवाद और सह-अस्तित्व का संदेश पूरी दुनिया तक पहुंचाने की जरूरत है। उन्होंने महावीरायतन फाउंडेशन द्वारा संवाद, नैतिक मूल्यों और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
राज्यपाल ने कहा कि हमें ऐसे भारत के निर्माण का संकल्प लेना होगा, जहां संवाद, सद्भाव, समरसता और अहिंसा केवल विचार न होकर जीवन के मूल मूल्य बनें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ‘संवाद से समाधान’ अभियान समाज के प्रत्येक वर्ग तक सकारात्मक संदेश पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
संवाद से जटिल समस्याओं का भी समाधान: धन सिंह रावत
प्रदेश के कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि जीवन की जटिल से जटिल समस्याओं का समाधान भी संवाद के माध्यम से संभव है। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड से प्रारंभ हुआ यह अभियान समाज में नई ऊर्जा और सकारात्मक सोच का संचार करेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रारंभ किए गए ‘नशा मुक्त युवा-विकसित भारत संकल्प अभियान’ को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया।
महावीरायतन फाउंडेशन के संस्थापक देवेन्द्र ब्रह्मचारी ने कहा कि भगवान महावीर के कालजयी सिद्धांत आज के वैश्विक परिदृश्य में अत्यंत प्रासंगिक हैं। कार्यक्रम में महंत राजेश दास, चंद्र कुमार जजोटिया और डॉ. प्रभा किरण ने भी अपने विचार रखे।
पुस्तक का विमोचन, उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मान
कार्यक्रम के दौरान ‘भारत गौरव और निर्गुण चदरिया’ पुस्तक का विमोचन किया गया। इसके साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों को शब्द कृति सम्मान, लोक सेवा गौरव सम्मान, महावीर लोकमंगल सम्मान और समाज गौरव सम्मान से सम्मानित किया गया।

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