देहरादून 6 अगस्त। पूर्व सैनिक कल्याण सलाहकार परिषद के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ भाजपा नेता कर्नल कोठियाल ने कांग्रेस पार्टी पर पूर्व सैनिकों के अपमान का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि अग्निवीर योजना के नाम पर बुलाई गई पत्रकार वार्ता में जिस तरह से पूर्व सैनिकों के साथ अनुचित व्यवहार कांग्रेस नेताओं द्वारा किया गया, वह घोर निन्दनीय है। इस कार्यक्रम की तस्वीरों ने कांग्रेस का सेना विरोधी दोहरा चरित्र एक बार फिर जनता के सामने उजागर कर दिया है।
उन्होंने कांग्रेस की पत्रकार वार्ता की तस्वीरों को बेहद शर्मनाक और वीर सैनिकों का अपमान बताया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की यह पत्रकार वार्ता मूल रूप से पूर्व सैनिकों के विषय पर आयोजित की गई थी। लेकिन तस्वीरों में साफ दिखाई दिया कि मंच पर केवल कांग्रेस के पूर्व सैनिक विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष, प्रदेश अध्यक्ष के अलावा सभी कुर्सियां पर पार्टी नेता और प्रवक्ता जमे हुए थे। हैरानी है कि जिन पूर्व सैनिकों के नाम पर यह कार्यक्रम रचा गया था, वे पीछे हाथ बांधे खड़े रहने को मजबूर नजर आए। यहाँ गभीर सवाल उठता है कि जब कार्यक्रम सैनिकों के सम्मान और उनके विषयों पर केंद्रित था, तो मंच पर कुर्सियां कांग्रेस नेताओं को नहीं, बल्कि देश की रक्षा करने वाले पूर्व सैनिकों को मिलनी चाहिए थी। कांग्रेस अपने मंच पर सैनिकों को बैठने तक की जगह नहीं दे सकती वह सैनिकों के ही कार्यक्रम में किस मुंह से सैनिकों के सम्मान का दावा करती है?
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अग्निवीरों और सैनिकों के भविष्य को लेकर झूठ और भ्रम फैला रही है। वहीं दूसरी तरफ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा सरकार, सेना के आधुनिकीकरण, सीमाओं की सुरक्षा और सैनिकों के कल्याण के लिए ऐतिहासिक कदम उठा रही है। अग्निवीर योजना के माध्यम से देश की युवा शक्ति को प्रशिक्षित और अनुशासित बनाते हुए उनके भविष्य को भी सुरक्षित किया जा रहा है।
उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार ने अग्निवीरों के सम्मान और सुरक्षित भविष्य के लिए प्रदेश की सरकारी नौकरियों में 10% आरक्षण का प्रावधान किया है। इसके साथ ही, स्किल डेवलपमेंट (कौशल विकास) के माध्यम से अग्निवीरों को भविष्य की अन्य नौकरियों और स्वरोजगार/व्यवसाय के लिए पूरी तरह तैयार किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि आज केवल सीमाओं की सुरक्षा ही नहीं, बल्कि सैनिकों की सुरक्षा के लिए भी अभूतपूर्व कार्य किए गए हैं। भारत रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनते हुए हथियारों का प्रमुख निर्यातक बन रहा है। दशकों से लंबित वन रैंक, वन पेंशन को भाजपा सरकार ने लागू कर सैनिकों के सम्मान का संकल्प पूरा किया।
उन्होंने कांग्रेस के इतिहास की याद दिलाते हुए कहा कि उनके शासनकाल में सेना के आधुनिकीकरण और सैनिकों की सुरक्षा दोनों की पूरी तरह अनदेखी की गई थी। कांग्रेस सरकार तो सैनिकों के लिए आवश्यक बुलेटप्रूफ जैकेट और आधुनिक हथियार तक देना जरूरी नहीं मानती थी। दशकों से लंबित पूर्व सैनिकों की ‘वन रैंक वन पेंशन’ (OROP) की मांग को दबाकर रखा गया, जिसे भाजपा सरकार ने लागू कर पूर्व सैनिकों का हक दिया। कांग्रेस शासन में शहीदों को सम्मान देना तो दूर, उनके पार्थिव शरीर को पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनके घर तक पहुंचाना भी जरूरी नहीं समझा जाता था।
उन्होंने आक्रोश जताते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी को सैनिकों पर राजनीति करने और झूठी हमदर्दी जताने से पहले अपने इस अपमानजनक रवैये के लिए देश और उत्तराखंड के पूर्व सैनिकों से माफी मांगनी चाहिए।




