देहरादून 25 अगस्त ।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में प्रदेश के विकास, प्रशासनिक सुधार, स्वास्थ्य, ऊर्जा, कार्मिक हित और सामाजिक सरोकारों से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। कैबिनेट ने उत्तराखण्ड राज्य सहकारिता नीति-2026 को मंजूरी देने के साथ ही उपनल कार्मिकों को समान कार्य के लिए समान वेतन देने की प्रक्रिया, शहीद सैनिकों की स्मृति में पैतृक गांवों में मूर्तियां स्थापित करने तथा 1320 मेगावाट बिजली खरीद समेत कुल 17 प्रमुख प्रस्तावों पर सहमति प्रदान की।
सहकारिता क्षेत्र को मिलेगी नई दिशा
कैबिनेट ने राष्ट्रीय सहकारी नीति-2025 के अनुरूप उत्तराखण्ड राज्य सहकारिता नीति-2026 प्रख्यापित करने का निर्णय लिया। नई नीति का उद्देश्य सहकारी संस्थाओं को अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी, तकनीक-सक्षम और व्यावसायिक रूप से सक्षम बनाना है। नीति में सात रणनीतिक मिशन निर्धारित किए गए हैं, जिनमें सहकारी संस्थाओं की नींव मजबूत करना, भविष्य के लिए तैयार करना, समावेशिता बढ़ाना, नए क्षेत्रों में विस्तार, युवाओं को सहकारिता से जोड़ना तथा आर्थिक व्यवहार्यता और विविधीकरण शामिल हैं।
वेतन मैट्रिक्स में संशोधन
सरकारी सेवकों के वेतन निर्धारण से संबंधित वेतन मैट्रिक्स में संशोधन को मंजूरी दी गई। लेवल-13क के बाद वर्तमान लेवल-15 के स्थान पर लेवल-14 तथा लेवल-16 के स्थान पर लेवल-15 को संशोधित रूप से लागू किया जाएगा। विभागीय पदीय संरचनाओं और सेवा नियमावलियों में भी इसी के अनुरूप संशोधन माना जाएगा।
सीएनजी वाहनों को कर दायरे में लाने का निर्णय
कैबिनेट ने मोटरयान कराधान व्यवस्था के तहत ग्रीन सेस से संबंधित छूट को समाप्त करने पर सहमति दी है। सीएनजी और अन्य संबंधित वाहनों को चरणबद्ध तरीके से कराधान के दायरे में लाने का निर्णय राजस्व पर पड़ रहे प्रभाव को देखते हुए लिया गया है।
स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती
चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सांख्यिकीय संवर्ग के लिए नई सेवा नियमावली-2026 के प्रख्यापन को मंजूरी दी गई। इसके अलावा औषधियों, सर्जिकल सामग्री, रसायन, उपकरण और इंप्लांट की समयबद्ध एवं पारदर्शी खरीद के लिए उत्तराखण्ड मेडिकल सप्लाईज कॉर्पोरेशन के गठन को भी मंजूरी प्रदान की गई।
राज्य में राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (NCDC) की शाखा स्थापित करने के लिए राजकीय मेडिकल कॉलेज, हरिद्वार में उपलब्ध 65 एकड़ भूमि में से एक एकड़ भूमि 99 वर्ष की लीज पर केंद्र सरकार को देने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई। इससे रोग निगरानी, महामारी की जांच और आपात प्रतिक्रिया क्षमता मजबूत होगी तथा बीएसएल-3 स्तर की सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
कारागार विभाग में पदोन्नति कोटा निर्धारित
उत्तराखण्ड कारागार उप कारापाल अधीनस्थ सेवा नियमावली में संशोधन को मंजूरी दी गई। 25 प्रतिशत पदोन्नति कोटे में 90 प्रतिशत प्रधान बंदीरक्षक और 10 प्रतिशत महिला बंदीरक्षक के लिए पदोन्नति कोटा निर्धारित किया जाएगा।
लोकायुक्त खोजबीन समिति के लिए नियमावली
लोकायुक्त संस्था के अध्यक्ष और सदस्यों के चयन के लिए नामों का पैनल तैयार करने वाली खोजबीन समिति की कार्यविधि, सदस्यों को देय भत्ते और पैनल चयन की प्रक्रिया निर्धारित करने के लिए उत्तराखण्ड लोकायुक्त खोजबीन समिति नियमावली-2026 को मंजूरी दी गई।
शहरी आबादी के आधुनिक सर्वेक्षण को मंजूरी
प्रदेश में आबादी क्षेत्रों की भूमि का आधुनिक तकनीक से सर्वेक्षण करने और बेहतर भू-अभिलेख तैयार करने के लिए उत्तराखण्ड आबादी सर्वेक्षण और अभिलेख संक्रिया नियमावली-2026 के प्रख्यापन को मंजूरी दी गई। जीआईएस और आधुनिक भू-सर्वेक्षण तकनीक के माध्यम से शहरी भूमि अभिलेखों को अधिक सटीक और व्यवस्थित किया जाएगा।
सीड्स कॉरपोरेशन के 85 कार्मिकों को अन्य विभागों में भेजने का प्रस्ताव
उत्तराखण्ड सीड्स एंड तराई डेवलपमेंट कॉरपोरेशन में कार्यरत 22 तृतीय श्रेणी और 63 चतुर्थ श्रेणी कार्मिकों को ऊधमसिंहनगर और निकटवर्ती जनपदों के विभिन्न विभागों में अधिकतम 10 वर्ष अथवा सेवानिवृत्ति से तीन माह पूर्व तक, जो पहले हो, सेवा स्थानांतरण के आधार पर भेजने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इससे निगम के प्रशासनिक एवं वेतन व्यय में कमी आने के साथ गुणवत्तापूर्ण बीज की लागत कम करने में मदद मिलेगी।
रिस्पना नदी किनारे की मलिन बस्ती के चयनित परिवारों को मिलेंगे आवास
देहरादून के काठबंगला में निर्मित 116 आवासों को रिस्पना नदी किनारे बसी मलिन बस्ती के नगर निगम द्वारा चयनित पात्र लाभार्थियों को आवंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। सरकार का उद्देश्य नदी किनारे बसी मलिन बस्तियों का सुव्यवस्थित पुनर्वास करना है।
यूयूएसडीए के लिए 94 अस्थायी पदों का सृजन
कोटद्वार, चम्पावत, टनकपुर, किच्छा, पिथौरागढ़, रुद्रपुर, काशीपुर, सितारगंज और ऋषिकेश में विभिन्न पेयजल, सीवरेज, सड़क, स्ट्रीट लाइट, सार्वजनिक परिवहन और सौंदर्यीकरण परियोजनाओं के संचालन के लिए यूयूएसडीए के ढांचे में 94 अस्थायी पदों के सृजन को मंजूरी दी गई।
कैंसर मरीजों के लिए हॉस्पिस केयर सेंटर को स्टाम्प शुल्क में छूट
अंत्योदय फाउंडेशन के पक्ष में कैंसर रोगियों के लिए हॉस्पिस केयर सेंटर स्थापित करने के उद्देश्य से की जाने वाली गिफ्ट डीड पर 8.87 लाख रुपये के स्टाम्प शुल्क से छूट देने को मंजूरी दी गई। यह संपत्ति ऋषिकेश स्थित है और इसकी लागत करीब 1.77 करोड़ रुपये आंकी गई है।
उत्तरांचल विश्वविद्यालय के परिनियम को मंजूरी
उत्तराखण्ड निजी विश्वविद्यालय अधिनियम-2023 के तहत देहरादून स्थित उत्तरांचल विश्वविद्यालय से संबंधित विषयों के नियमन के लिए उत्तरांचल विश्वविद्यालय परिनियम-2026 के प्रख्यापन को मंजूरी दी गई।
उपनल कार्मिकों को समान कार्य के लिए समान वेतन
कैबिनेट का सबसे महत्वपूर्ण निर्णय उपनल कार्मिकों को समान कार्य के लिए समान वेतन देने से जुड़ा रहा। यह लाभ तीन चरणों में दिया जाएगा। प्रथम चरण में 1 जनवरी 2016 से पूर्व नियोजित कार्मिकों पर कार्यवाही चल रही है। दूसरे चरण में 1 जनवरी 2016 से 12 नवंबर 2018 तक नियुक्त कार्मिकों के लिए 9 नवंबर 2026 से प्रक्रिया शुरू होगी, जबकि 13 नवंबर 2018 से 15 अक्टूबर 2024 तक नियुक्त कार्मिकों के लिए समान कार्य-समान वेतन की कार्यवाही 1 अप्रैल 2027 से शुरू की जाएगी।
इसके साथ ही 1 जनवरी 2016 से पूर्व से कार्यरत और वर्तमान में कार्यरत उपनल कार्मिकों को न्यूनतम वेतन एवं महंगाई भत्ते का लाभ देने का निर्णय लिया गया है। स्वीकृत पदों से अधिक कार्यरत उपनल कार्मिकों के समायोजन के लिए भी व्यवस्था की जाएगी।
अग्निवीरों के लिए बनेगा समर्पित प्रकोष्ठ
सेवामुक्त होकर लौटने वाले अग्निवीरों को राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए राज्य स्तर पर समर्पित प्रकोष्ठ स्थापित किया जाएगा। इसके लिए छह संविदा पदों—एक उप निदेशक, दो सहायक निदेशक, दो कनिष्ठ सहायक और एक डाटा एंट्री ऑपरेटर—के सृजन को मंजूरी दी गई।
1320 मेगावाट बिजली खरीद को मंजूरी
राज्य में ऊर्जा सुरक्षा और विश्वसनीय बेस-लोड बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उत्तराखण्ड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड को अडानी पावर लिमिटेड से 25 वर्षों के लिए 1320 मेगावाट कोयला आधारित बिजली खरीदने की मंजूरी दी गई। कुल टैरिफ ₹5.746 प्रति यूनिट रहेगा और अनुबंधित क्षमता 1234 मेगावाट होगी। यूपीसीएल को बिजली आपूर्ति समझौता तथा अन्य आवश्यक दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने और नियामक आयोग से वैधानिक स्वीकृतियां प्राप्त करने के लिए अधिकृत किया गया है।
शहीद सैनिकों के सम्मान में गांवों में स्थापित होंगी मूर्तियां
कैबिनेट बैठक में उत्तराखण्ड के शहीद सैनिकों के सम्मान में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए उनके पैतृक गांवों में मूर्तियां स्थापित करने पर सहमति दी गई। सरकार का उद्देश्य शहीद सैनिकों की वीरता और बलिदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाना तथा उनके परिजनों के प्रति सम्मान व्यक्त करना है। इस पहल से गांवों में शहीदों की स्मृतियां चिरस्थायी होंगी और युवा पीढ़ी को राष्ट्रसेवा की प्रेरणा मिलेगी।



