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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष पर देहरादून में 11 स्थानों पर युवा सम्मेलन

दक्षिण महानगर के 8 और उत्तर महानगर के 3 स्थानों पर आयोजित कार्यक्रमों में लगभग 3200 युवाओं ने किया सहभाग

देहरादून,13 सितंबर 2026। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर रविवार को देहरादून महानगर दक्षिण एवं देहरादून महानगर उत्तर में व्यापक स्तर पर युवा सम्मेलनों का आयोजन किया गया। दोनों महानगरों के कुल 11 स्थानों पर आयोजित इन युवा सम्मेलनों में लगभग 3200 युवा विद्यार्थियों, युवा व्यवसायियों एवं विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े युवाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों की श्रृंखला के अंतर्गत आयोजित इन सम्मेलनों का उद्देश्य युवाओं को राष्ट्र एवं समाज के प्रति उनके दायित्वों के प्रति जागरूक करना तथा उनकी ऊर्जा, प्रतिभा और सामर्थ्य को सकारात्मक दिशा प्रदान करते हुए राष्ट्र निर्माण में उनकी प्रभावी भूमिका सुनिश्चित करना रहा। विभिन्न कार्यक्रमों में युवाओं को संघ के शताब्दी वर्ष के उद्देश्यों, संगठन की भूमिका तथा समाज और राष्ट्र के प्रति युवा पीढ़ी के दायित्वों से अवगत कराया गया।

देहरादून महानगर दक्षिण के लक्ष्मण नगर, केदार नगर, सुभाष नगर, शिवाजी नगर, विवेकानंद नगर, प्रेम नगर, रामनगर तथा गुरु राम राय नगर में युवा सम्मेलन आयोजित किए गए। सभी स्थानों पर युवाओं की जोशपूर्ण एवं उत्साहजनक उपस्थिति रही।

लक्ष्मण नगर में हिंदू नेशनल स्कूल में आयोजित युवा सम्मेलन को महानगर कार्यवाह श्री सत्येंद्र जी ने संबोधित किया।

केदार नगर में ट्यूलिप फार्म, बद्रीपुर में आयोजित सम्मेलन में सह विभाग प्रचारक श्री सौरभ जी ने युवाओं को संबोधित करते हुए राष्ट्र एवं समाज के प्रति उनकी भूमिका पर प्रकाश डाला।

सुभाष नगर में लव डेल स्कूल में आयोजित सम्मेलन में महानगर प्रचारक श्री देवराज जी ने उपस्थित युवाओं के समक्ष अपने विचार रखे।

विवेकानंद नगर में तिरुपति क्रिकेट अकादमी में आयोजित सम्मेलन में क्षेत्र प्रचारक प्रमुख श्री जगदीश जी ने युवाओं को संबोधित किया।

प्रेम नगर में दून वैली इंटरनेशनल स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में क्षेत्र कार्यकारिणी सदस्य श्री मनोज निबूरा जी ने युवाओं का मार्गदर्शन किया।

रामनगर में गुरु राम राय स्कूल में आयोजित युवा सम्मेलन में सह प्रांत प्रचारक श्री चंद्रशेखर जी ने युवाओं को संबोधित करते हुए राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।

वहीं गुरु राम राय नगर में जीआरडी अकादमी, निरंजनपुर में आयोजित सम्मेलन में प्रांत प्रचारक डॉ. शैलेंद्र जी ने युवाओं को संबोधित किया और युवा शक्ति को राष्ट्र शक्ति में परिवर्तित करने का आह्वान किया।

इसी क्रम में देहरादून महानगर उत्तर के तीन स्थानों पर भी युवा सम्मेलनों का आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों में भी बड़ी संख्या में विद्यार्थियों एवं युवा व्यवसायियों ने सहभागिता की। वक्ताओं ने युवाओं से अपनी ऊर्जा और प्रतिभा का उपयोग समाजहित एवं राष्ट्रहित में करने तथा राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

अपने संबोधन में प्रांत प्रचारक डॉ. शैलेंद्र जी ने कहा कि भारत के विकास और सशक्त भविष्य में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। युवा केवल देश का भविष्य ही नहीं, बल्कि वर्तमान में भी समाज और राष्ट्र में सकारात्मक परिवर्तन के महत्वपूर्ण वाहक हैं। आवश्यकता है कि युवा अपनी ऊर्जा, प्रतिभा और सामर्थ्य का उपयोग राष्ट्रहित, समाजहित और सकारात्मक परिवर्तन के लिए करें।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपने शताब्दी वर्ष में समाज के प्रत्येक वर्ग को साथ लेकर राष्ट्र जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में जागरण, संगठन और सेवा के कार्य को आगे बढ़ा रहा है। युवाओं से अपेक्षा है कि वे अपने व्यक्तिगत विकास के साथ-साथ सामाजिक उत्तरदायित्व को भी अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाएं।

शिवाजी नगर के भवानी बालिका स्कूल में आयोजित युवा सम्मेलन विशेष रूप से युवाओं की सक्रिय सहभागिता एवं विविध गतिविधियों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रसिद्ध ENT सर्जन श्री राजेंद्र सिंह ने की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता श्री भालचंद शिंगड़ जी रहे। उन्होंने UK से गैस इंजीनियरिंग एवं मैनेजमेंट में मास्टर्स डिग्री तथा UPES से पीएचडी की उपाधि प्राप्त की है। वर्तमान में वे UPES में एसोसिएट प्रोफेसर के रूप में कार्यरत हैं तथा उनके अनेक शोध पत्र प्रकाशित हो चुके हैं।

इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र सामाजिक समरसता संयोजक श्री लक्ष्मी प्रसाद जायसवाल जी तथा प्रांत सामाजिक समरसता संयोजक श्री राजेंद्र पंत जी शिवाजी नगर के माननीय संघचालक श्री चंद्रमोहन गौड़ जी ने भी युवाओं के साथ विभिन्न गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता की। उन्होंने खेल एवं गीत कार्यक्रमों में युवाओं के साथ उत्साहपूर्वक भाग लिया। विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए।

विभिन्न युवा सम्मेलनों में वक्ताओं ने कहा कि युवा शक्ति किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी पूंजी है। युवाओं में अनुशासन, चरित्र निर्माण, सेवा भावना, सामाजिक समरसता, राष्ट्रभक्ति और संगठनात्मक चेतना का विकास देश को मजबूत आधार प्रदान करता है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने व्यक्तिगत जीवन में सफलता प्राप्त करने के साथ-साथ समाज के प्रति अपने दायित्वों का भी पूरी निष्ठा से निर्वहन करें।

वक्ताओं ने कहा कि आज भारत विश्व के सामने एक सशक्त एवं उभरती हुई शक्ति के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। ऐसे समय में देश की युवा शक्ति की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। युवाओं को अपनी शिक्षा, कौशल, उद्यमिता, तकनीकी क्षमता और सामाजिक चेतना का उपयोग देश को आगे बढ़ाने में करना चाहिए।

दोनों महानगरों में आयोजित 11 युवा सम्मेलनों में लगभग 3200 युवाओं की सहभागिता ने कार्यक्रमों को व्यापक जनसंपर्क एवं युवा जागरण का स्वरूप प्रदान किया। कार्यक्रमों में युवाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प व्यक्त किया।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित इन युवा सम्मेलनों का संदेश स्पष्ट रहा कि युवा शक्ति को संगठित, संस्कारित एवं सकारात्मक दिशा देकर राष्ट्र शक्ति में परिवर्तित किया जा सकता है।

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