देहरादून, 15 सितंबर। पुलिस महानिदेशक उत्तराखण्ड श्री दीपम सेठ ने मंगलवार को अभिसूचना एवं सुरक्षा मुख्यालय में अभिसूचना एवं सुरक्षा विभाग के कार्यों की समीक्षा बैठक की। बैठक में आगामी विधानसभा चुनाव, चारधाम यात्रा, कुंभ मेला, धार्मिक आयोजनों, अंतरराष्ट्रीय सीमाओं की सुरक्षा तथा आतंकवाद एवं राष्ट्रविरोधी गतिविधियों से निपटने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में महानिदेशक अभिसूचना/सुरक्षा श्री अभिनव कुमार, आईजी एसटीएफ श्री नीलेश आनंद भरणे, आईजी कार्मिक श्री सुनील कुमार मीणा, आईजी पीएंडएम/मुख्यालय श्री बरिंदरजीत सिंह, एसपी अभिसूचना श्री मणिकांत मिश्रा, एसपी सुरक्षा/एटीएस श्रीमती सरिता डोबाल, एएसपी क्राइम श्री लोकजीत सिंह, एएसपी अभिसूचना/सुरक्षा श्री अंकुश मिश्रा, डीएसपी सुरक्षा श्री जीडी जोशी, डीएसपी अभिसूचना श्री मनोज के.एस. असवाल सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। सभी जनपदों के प्रभारी अभिसूचना ऑनलाइन वीसी के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।
डीजीपी ने आतंकवाद नियंत्रण के दृष्टिगत राष्ट्रीय स्तर पर संचालित भारत की पहली आतंकवाद निरोधी नीति ‘प्रहार’ को प्रदेश में प्रभावी रूप से धरातल पर लागू करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं को कट्टर बनाने से जुड़े इनपुट्स तथा उसके सहयोगियों की देशभर में हुई गिरफ्तारियों के मद्देनजर सभी जनपदों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि देश के बड़े राज्यों की कार्यप्रणाली और सफल ऑपरेशनों का अध्ययन करते हुए उत्तराखण्ड एटीएस की कार्यक्षमता एवं ऑपरेशनल क्षमता को उच्च पेशेवर स्तर तक विकसित किया जाए। आतंकवाद और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों से उत्पन्न चुनौतियों से निपटने के लिए केंद्र सरकार की राष्ट्रीय आतंकवाद विरोधी नीति एवं रणनीति के अनुरूप विशेष प्रयास किए जाएं।
सीमावर्ती जिलों में इंटर-एजेंसी समन्वय मजबूत करने पर जोर
चीन एवं नेपाल सीमा से लगे जनपदों में संदिग्ध गतिविधियों, सीमा पार से घुसपैठ और राष्ट्रविरोधी तत्वों की आवाजाही पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए आईटीबीपी, एसएसबी, सेना, आईबी, राज्य पुलिस और एटीएस के शीर्ष अधिकारियों की उच्च स्तरीय इंटर-एजेंसी कोऑर्डिनेशन बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए गए।
डीजीपी ने आगामी विधानसभा चुनावों एवं बढ़ती सुरक्षा संवेदनशीलता के मद्देनजर मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने को कहा। साथ ही विशिष्ट महानुभावों के प्रस्तावित कार्यक्रमों के दौरान कानून-व्यवस्था एवं सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
चारधाम यात्रा और कुंभ मेले की सुरक्षा पर विशेष फोकस
बैठक में राज्य में लगातार बढ़ रही पर्यटकों एवं श्रद्धालुओं की संख्या और वर्तमान में चल रही चारधाम यात्रा को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश दिए गए। आगामी कुंभ मेला एवं अन्य प्रमुख धार्मिक आयोजनों के निर्बाध और सकुशल संचालन के लिए ठोस एवं प्रभावी सुरक्षा कार्ययोजना समय से तैयार करने पर जोर दिया गया।
डीजीपी ने महत्वपूर्ण आयोजनों के लिए आवश्यक जनशक्ति, तकनीकी उपकरणों और अन्य संसाधनों का प्रबंधन समय रहते पूरा करने के निर्देश भी दिए।
सोशल मीडिया पर 24 घंटे निगरानी, डीपफेक और अफवाहों पर तत्काल फैक्ट चेक
आगामी विधानसभा चुनाव, कुंभ मेला और धार्मिक आयोजनों को देखते हुए फेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप ग्रुपों सहित प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर 24 घंटे सघन निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि भड़काऊ सामग्री अथवा कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाले तत्वों को समय रहते चिन्हित किया जाए।
संवेदनशील एवं सांप्रदायिक मामलों से जुड़ी भ्रामक खबरों, छेड़छाड़ किए गए वीडियो, डीपफेक और अफवाहों का तत्काल आधिकारिक खंडन जारी करने तथा प्रभावी फैक्ट-चेक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
इसके अलावा आगामी राज्य स्थापना दिवस, नवरात्र, दशहरा और दीपावली जैसे महत्वपूर्ण पर्वों के दौरान संवेदनशीलता को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया। राष्ट्रपति द्वारा उत्तराखण्ड पुलिस को प्रदान किए गए विशिष्ट प्रतीक चिह्न के अवसर पर प्रस्तावित प्रेसिडेंट पुलिस कलर सेरेमनी की तैयारियों की भी समीक्षा की गई और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

