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स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने सीखा मोमबत्ती, गोबर के दीये और धूपबत्ती बनाने का हुनर

गति सोसायटी के दो दिवसीय प्रशिक्षण से महिलाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने की पहल

देहरादून,26 अक्टूबर। ग्रासरूट अवेयरनेस एंड टेक्निकल इंस्टीट्यूट फॉर सोसायटी (गति), देहरादून की ओर से विजय कॉलोनी स्थित वैभव लक्ष्मी स्वयं सहायता समूह एवं जागृति स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को रोजगार और कौशल विकास से जोड़ने के उद्देश्य से आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का सोमवार को सफलतापूर्वक समापन हो गया। 25 और 26 अक्टूबर को आयोजित इस प्रशिक्षण में महिलाओं को विभिन्न प्रकार की सजावटी मोमबत्तियां, गोबर के दीये, धूपबत्ती और समरानी कप बनाने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।

प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन एसीआईसी उत्तरांचल विश्वविद्यालय के डॉ. हिमांशु तिवारी ने किया। इस अवसर पर गति सोसायटी के सचिव नीरज उनियाल ने संस्था की गतिविधियों और स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि दीपावली से पहले मोमबत्तियों, दीयों और धूपबत्ती जैसे उत्पादों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में महिलाओं को इन उत्पादों के निर्माण का प्रशिक्षण देकर उन्हें स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा सकते हैं। इसी उद्देश्य से संस्था ने इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया।

मुख्य अतिथि डॉ. हिमांशु तिवारी ने प्रशिक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि एसीआईसी उत्तरांचल विश्वविद्यालय सामाजिक संस्थाओं के साथ मिलकर जमीनी स्तर पर सामाजिक विकास से जुड़े कार्यों को बढ़ावा दे रहा है। उन्होंने कहा कि गति सोसायटी के सहयोग से भविष्य में भी इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि महिलाओं को कौशल विकास के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिल सके।

मास्टर ट्रेनर पूजा उनियाल ने उम्मीद जताई कि प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं द्वारा तैयार किए गए उत्पादों की बिक्री के लिए गति सोसायटी और एसीआईसी उत्तरांचल विश्वविद्यालय की ओर से आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने के प्रयास किए जाएंगे। इससे महिलाओं को अपने हुनर को आय के साधन में बदलने में मदद मिलेगी।

प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को विभिन्न प्रकार की सजावटी मोमबत्तियां, गोबर के दीये, धूपबत्ती और समरानी कप बनाने की विधि के साथ ही इनके उपयोग, निर्माण की बारीकियों और जरूरी सावधानियों की जानकारी दी गई। महिलाओं ने पूरे उत्साह और तन्मयता के साथ प्रशिक्षण प्राप्त किया।

कार्यक्रम में वैभव लक्ष्मी स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष भावना नेगी, अन्नू बिष्ट, दामनी राणा सहित समूहों से जुड़ी महिलाएं उपस्थित रहीं। प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं के हुनर को निखारकर उन्हें स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ना और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रोत्साहित करना रहा।

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