उत्तराखंडराज्य

मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना की समीक्षा, विदेशी भाषा प्रशिक्षण पर विशेष जोर नर्सिंग प्रशिक्षण में विदेशी भाषा अनिवार्य करने पर विचार, पुस्तकालयों में बनेंगी भाषा लैब

देहरादून 17 दिसम्बर। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने बुधवार को सचिवालय में मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना के संबंध में समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने दून विश्वविद्यालय एवं कुमाऊं विश्वविद्यालय के लैंग्वेज स्कूल को और अधिक मजबूत एवं प्रभावी बनाए जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश के सरकारी नर्सिंग प्रशिक्षण कार्यक्रमों में विदेशी भाषा को अनिवार्य किया जा सकता है अथवा इच्छुक प्रशिक्षणार्थियों को उनकी पसंद की विदेशी भाषा का प्रशिक्षण दिए जाने पर भी विचार किया जाए। इस दिशा में आवश्यक अन्वेषण कर प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए।

पुस्तकालयों में जुड़ेंगी भाषा लैब
मुख्य सचिव ने प्रदेशभर में बनाए जा रहे पुस्तकालयों में भाषा लैब जोड़े जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे पुस्तकालयों में आने वाले छात्र ऑडियो-विजुअल माध्यमों से विदेशी भाषाएं सीख सकेंगे, साथ ही विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का भी उपयोग किया जा सकेगा।

क्रेडिट आधारित भाषा प्रशिक्षण पर फोकस
मुख्य सचिव ने कहा कि प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे अभ्यर्थियों को विदेशी भाषा सीखने के लिए प्रेरित करना आवश्यक है। उन्होंने विदेश रोजगार प्रकोष्ठ एवं तकनीकी शिक्षा विभाग को क्रेडिट आधारित विदेशी भाषा लर्निंग कार्यक्रम संचालित करने के निर्देश दिए, जिससे विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों से जुड़े युवा भाषा सीखने के लिए प्रोत्साहित हों।

विदेशी दूतावासों से सहयोग लेने के निर्देश
उन्होंने जापान, जर्मनी एवं यूनाइटेड किंगडम के दूतावासों से संपर्क कर उनके सुझाव लेने तथा गुणवत्तापूर्ण भाषा प्रशिक्षण देने वाली एजेंसियों को हायर करने के निर्देश दिए। साथ ही विदेशों में रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए दूतावासों के माध्यम से सीधे विदेशी नियोक्ताओं से संपर्क करने पर भी बल दिया।

विदेशी नौकरियों की जानकारी का होगा व्यापक प्रचार
मुख्य सचिव ने बताया कि विदेश रोजगार प्रकोष्ठ द्वारा प्राप्त जॉब लिस्ट और रिक्तियों के अनुरूप प्रशिक्षित अभ्यर्थियों को जानकारी उपलब्ध कराई जाए। इस सूची का व्यापक प्रचार-प्रसार कर अधिक से अधिक युवाओं को विदेशों में रोजगार से जोड़ा जा सकता है।

आंतरिक रोजगार और नए कोर्स पर भी जोर
मुख्य सचिव ने कहा कि विदेश रोजगार के साथ-साथ प्रदेश में आंतरिक रोजगार सृजन की दिशा में भी निरंतर प्रयास किए जाएं। प्रदेश का युवा अधिक से अधिक स्किल्ड बने, इसके लिए समय की मांग के अनुसार नए-नए कोर्स संचालित किए जाने पर विशेष ध्यान दिया जाए।

विदेश रोजगार प्रकोष्ठ की प्रगति
बैठक में सचिव श्री सी. रविशंकर ने बताया कि विदेश रोजगार प्रकोष्ठ में अब तक कुल 206 लोगों ने पंजीकरण कराया है, जिनमें से नवम्बर 2025 तक 76 लोगों को विदेशों में रोजगार प्राप्त हुआ है। नवाचार योजना के तहत स्टेट नर्सिंग कॉलेजों में 248 अभ्यर्थियों को जर्मन, 35 को जापानी, 62 को फ्रेंच, 11 को स्पेनिश तथा 185 अभ्यर्थियों को अंग्रेजी भाषा का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

वरिष्ठ अधिकारी रहे उपस्थित
बैठक में सचिव श्री शैलेश बगौली, श्री रविनाथ रमन, डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, अपर सचिव श्री रोहित मीणा एवं श्री मनुज गोयल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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