देहरादून 25 दिसंबर । 


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को तिब्बती मार्केट, देहरादून स्थित ओल्ड मल्टीपरपज हॉल में आयोजित सांसद खेल महोत्सव-2025 के समापन समारोह में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न खेल स्पर्धाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली विजेता टीमों और खिलाड़ियों को सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर उन्हें नमन करते हुए कहा कि यह अवसर केवल एक तिथि नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण, सुशासन और लोकतांत्रिक मूल्यों को स्मरण करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि अटल जी ने अपने जीवन से यह सिखाया कि राजनीति सत्ता का साधन नहीं, बल्कि राष्ट्र सेवा का संकल्प होती है। उत्तराखंड राज्य निर्माण से लेकर देश को नई दिशा देने तक अटल जी ने युवाओं, खिलाड़ियों और प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने का सपना देखा। आज खेलों के माध्यम से उभर रहा सशक्त, आत्मविश्वासी और अनुशासित युवा भारत अटल जी के विचारों को सच्ची श्रद्धांजलि है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल माध्यम से सांसद खेल महोत्सव के समापन अवसर पर खिलाड़ियों का मार्गदर्शन कर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की प्रेरणा से प्रारंभ हुआ सांसद खेल महोत्सव आज केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि गांव-गांव से खेल प्रतिभाओं को पहचान देने का सशक्त माध्यम बन चुका है। इस महोत्सव ने प्रदेश के युवाओं को ऐसा मंच प्रदान किया है, जिससे वे जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर तक अपनी पहचान बना रहे हैं। यह “फिट इंडिया, स्पोर्ट्स इंडिया, स्ट्रॉन्ग इंडिया” के संदेश को धरातल पर उतारने का प्रभावी उदाहरण है। इसके माध्यम से स्थानीय, पारंपरिक और लोक खेलों को भी पुनर्जीवित किया गया है तथा हर वर्ग के बच्चों को खेल के अवसर मिले हैं। खेल युवाओं को नशे से दूर रखकर सकारात्मक दिशा देने का सबसे सशक्त माध्यम हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में आयोजित 38वें राष्ट्रीय खेलों में प्रदेश के खिलाड़ियों ने 103 पदक जीतकर राज्य के खेल इतिहास में स्वर्णिम अध्याय जोड़ा है। आज उत्तराखंड को देवभूमि के साथ-साथ खेलभूमि के रूप में भी पहचान मिल रही है। राज्य अब विश्वस्तरीय स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर के मामले में देश के प्रमुख राज्यों में गिना जाने लगा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में “स्पोर्ट्स लेगेसी प्लान” लागू किया जा रहा है, जिसके तहत प्रदेश के आठ प्रमुख शहरों में 23 खेल अकादमियों की स्थापना की जाएगी। इन अकादमियों में प्रत्येक वर्ष 920 विश्वस्तरीय एथलीट और लगभग 1000 अन्य खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि हल्द्वानी में उत्तराखंड का प्रथम खेल विश्वविद्यालय तथा लोहाघाट में महिला स्पोर्ट्स कॉलेज की स्थापना की दिशा में भी तेजी से कार्य किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नई खेल नीति के अंतर्गत राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक विजेता खिलाड़ियों को “आउट ऑफ टर्न” सरकारी नौकरी दी जा रही है। मुख्यमंत्री खेल विकास निधि, मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना, मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी योजना एवं खेल किट योजना के माध्यम से राज्य सरकार उभरते खिलाड़ियों को निरंतर प्रोत्साहित कर रही है। राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर राज्य के उत्कृष्ट खिलाड़ियों को 50-50 लाख रुपये की सम्मान राशि से भी सम्मानित किया गया है।
इस अवसर पर राज्यसभा सांसद श्री नरेश बंसल, लोकसभा सांसद श्रीमती माला राज्यलक्ष्मी शाह, दायित्वधारी श्रीमती विनोद उनियाल, विशेष प्रमुख सचिव खेल श्री अमित सिन्हा, मुख्य विकास अधिकारी देहरादून श्री अभिनव शाह सहित बड़ी संख्या में खिलाड़ी एवं गणमान्य उपस्थित रहे।

