देहरादून,31 जनवरी।
जन संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने कहा कि प्रदेश का किसान इन दिनों खाद (यूरिया) की भारी किल्लत से जूझ रहा है, लेकिन इस गंभीर समस्या पर प्रदेश के कृषि मंत्री गणेश जोशी का कोई ध्यान नहीं है। उन्होंने यह बात शुक्रवार को देहरादून में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान कही।
नेगी ने कहा कि अब सहकारी समितियों में खाद की आपूर्ति शुरू तो हुई है, लेकिन खुले बाजार में पिछले कई महीनों से यूरिया उपलब्ध नहीं है। इससे सक्षम किसान भी खाद खरीदने में असमर्थ हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जो खाद किसानों को दिसंबर तक मिल जानी चाहिए थी, वह जनवरी के अंत तक भी नहीं मिल पाई—इसका जिम्मेदार आखिर कौन है?
उन्होंने कहा कि अब जो खाद की आपूर्ति शुरू हुई है, वह नाकाफी है और यह स्थिति “ऊंट के मुंह में जीरा” जैसी है। पहले ही वर्षा देर से होने के कारण किसान परेशान था, ऊपर से सही समय पर खाद न मिलने से उसकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
जन संघर्ष मोर्चा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि कृषि मंत्री किसानों के दर्द के प्रति पूरी तरह असंवेदनशील हैं और इस दिशा में उनके द्वारा कोई ठोस प्रयास नहीं किया गया। अधिकांश गरीब किसान सब्सिडी वाली खाद पर निर्भर रहते हैं और कई किसान सहकारी समितियों से उधार मिलने वाली खाद के सहारे ही खेती करते हैं।
नेगी ने तीखे शब्दों में कहा कि आखिर कृषि मंत्री कर क्या रहे हैं और ऐसे भ्रष्ट एवं गैर-जिम्मेदार मंत्री का पद पर बने रहना किस आधार पर उचित है। मोर्चा इस लापरवाह और गैर-जिम्मेदाराना रवैये का सबब जानना चाहता है। उन्होंने कहा कि जन संघर्ष मोर्चा शीघ्र ही इस पूरे मामले को सरकार के समक्ष रखेगा।
पत्रकार वार्ता में प्रमोद शर्मा और दरबान सिंह असवाल भी मौजूद थे।


