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दिव्य कला मेला–देहरादून का भव्य समापन, दिव्यांग उद्यमियों ने की ₹50 लाख की रिकॉर्ड बिक्री

देहरादून 01 मार्च 2026 । दिव्यांगजन सशक्तिकरण को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित “दिव्य कला मेला–देहरादून” का रविवार को सफलतापूर्वक समापन हुआ। यह मेला 21 फरवरी से 01 मार्च 2026 तक आयोजित किया गया, जिसमें देश के 16 से अधिक राज्यों से आए दिव्यांगजन उद्यमियों एवं कलाकारों ने सक्रिय सहभागिता की।
यह आयोजन दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के मार्गदर्शन एवं सहयोग से आयोजित किया गया। मेले का मुख्य उद्देश्य दिव्यांगजन उद्यमियों को विपणन मंच उपलब्ध कराना, स्वरोजगार को बढ़ावा देना, कौशल उन्नयन को प्रोत्साहित करना तथा सामाजिक समावेशन को सुदृढ़ करना रहा।
समापन समारोह में उत्तराखंड सरकार के वन मंत्री सुबोध उनियाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विधायक खजानदास, सचिव संस्कृत शिक्षा उत्तराखंड दीपक गैरोला, आयुक्त दिव्यांगजन सशक्तिकरण उत्तराखंड प्रकाश चंद्र तथा निदेशक दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, भारत सरकार प्रदीप ए भी मौजूद रहे।
मेले में 16 से अधिक राज्यों के दिव्यांगजन उद्यमियों द्वारा हस्तशिल्प, जूट एवं बांस उत्पाद, वुडक्राफ्ट, वस्त्र एवं टेक्सटाइल, पेंटिंग, ऑर्गेनिक उत्पाद और पैकेज्ड खाद्य सामग्री सहित विभिन्न उत्पादों का प्रदर्शन एवं विक्रय किया गया। मेले के दौरान कुल लगभग ₹50 लाख की बिक्री दर्ज की गई, जिसे दिव्यांगजन उद्यमियों के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
मेले के अंतर्गत विभिन्न सहायक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। 23 से 25 फरवरी तक निरंतर पुनर्वास शिक्षा (CRE) कार्यक्रम में करीब 120 प्रतिभागियों ने भाग लिया। 23 फरवरी को दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 (RPWD Act) पर आयोजित जागरूकता सत्र में भी लगभग 120 प्रतिभागी शामिल हुए।
26 फरवरी को आयोजित रोजगार मेले में निजी क्षेत्र की 6 कंपनियों की सहभागिता रही, जहां 150 दिव्यांगजन अभ्यर्थियों ने साक्षात्कार प्रक्रिया में भाग लिया। इनमें से 65 अभ्यर्थी शॉर्टलिस्ट किए गए और 12 को जॉब ऑफर प्रदान किए गए।
26–27 फरवरी को आयोजित निःशुल्क चिकित्सा शिविर में 200 से अधिक लाभार्थियों को स्वास्थ्य परीक्षण, चिकित्सकीय परामर्श एवं आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराई गईं, जबकि 28 फरवरी को निःशुल्क नेत्र परीक्षण शिविर में लगभग 150 लाभार्थियों को सेवाएं दी गईं।
मेले के दौरान प्रतिदिन सांस्कृतिक कार्यक्रम, लोकनृत्य एवं संगीत प्रस्तुतियों का आयोजन भी किया गया। समापन समारोह के अवसर पर दिव्य कला शक्ति कार्यक्रम में 50 से अधिक दिव्यांग कलाकारों ने अपनी प्रतिभा का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।
समारोह में उपस्थित अतिथियों ने अपने संबोधन में इस आयोजन को समावेशी विकास की दिशा में एक प्रभावी पहल बताते हुए कहा कि उचित मंच और संस्थागत सहयोग मिलने पर दिव्यांगजन उद्यमी आत्मनिर्भर बनकर राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
दिव्य कला मेला–देहरादून ने दिव्यांगजन सशक्तिकरण, रोजगार संवर्धन और सामाजिक समावेशन के क्षेत्र में एक सशक्त मॉडल प्रस्तुत किया है, जिसे भविष्य में और व्यापक स्तर पर विस्तार देने का संकल्प भी व्यक्त किया गया।

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