
देहरादून,10 मार्च। विकास भवन सभागार, सर्वे चौक देहरादून में जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी कार्यालय की ओर से सतत विकास लक्ष्यों को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से “SDG Data Eco System & Monitoring, पीएम गतिशक्ति तथा उत्तराखण्ड विजन-2047” विषय पर जनपद स्तरीय एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में जनपद के विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा सभी खंड विकास अधिकारियों ने प्रतिभाग किया।
कार्यशाला का शुभारंभ जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी शशि कान्त गिरि ने किया। इस दौरान सेतु आयोग, उत्तराखण्ड शासन के निदेशक डॉ. मनोज पंत ने सतत विकास लक्ष्यों के 17 लक्ष्यों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय स्तर पर सतत विकास लक्ष्य रैंकिंग 2023-24 में उत्तराखण्ड ने केरल के साथ संयुक्त रूप से पहला स्थान प्राप्त किया है, जो राज्य के लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि इस स्थान को बनाए रखना बड़ी चुनौती है और इसके लिए सभी विभागों को निरंतर प्रयास करने होंगे।
नियोजन विभाग देहरादून से आए विशेषज्ञ शैलेन्द्र कुमार ने SDG Data Eco System एवं Monitoring पर जानकारी देते हुए SDG पोर्टल के माध्यम से जनपद की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024-25 में देहरादून जनपद ने राज्य स्तर पर सातवां स्थान प्राप्त किया है। आगामी वर्षों में प्रथम स्थान प्राप्त करने के लिए विभागों को डाटा प्रबंधन तंत्र को और मजबूत बनाना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि जिन संकेतकों में प्रगति अपेक्षाकृत कम है, उन पर विभागों को विशेष रणनीति बनाकर कार्य करना होगा।
पीएम गतिशक्ति परियोजना प्रबंधन इकाई के परियोजना प्रबंधक अक्षय जायसवाल ने पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान तथा उससे संबंधित पोर्टल के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस पोर्टल के माध्यम से जीआईएस आधारित डाटा उपलब्ध होने से योजनाओं के बेहतर नियोजन और अनुश्रवण में काफी सहायता मिलेगी। विभागों को पोर्टल के अधिकाधिक उपयोग के साथ-साथ अपने डाटा को नियमित रूप से अपडेट करना होगा।
कार्यशाला में उत्तराखण्ड विजन-2047 विषय पर विषय विशेषज्ञ कस्तूरी ने जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2047 तक राज्य को विकसित बनाने के लिए पांच प्रमुख लक्ष्यों के आधार पर विभिन्न संकेतकों पर कार्य किया जा रहा है।
कार्यक्रम के अंत में जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी शशि कान्त गिरि तथा अपर सांख्यिकीय अधिकारी धीरज गुप्ता ने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।
कार्यशाला में नगर आयुक्त नगर निगम ऋषिकेश, परियोजना निदेशक डीआरडीए, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, मुख्य शिक्षा अधिकारी, मुख्य कृषि अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, वरिष्ठ परियोजना अधिकारी उरेडा, सहायक निदेशक दुग्ध सहित अन्य जनपद स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।



