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रक्षाबंधन पर मातृशक्ति के बीच पहुंचे सीएम धामी, बहनों के सम्मान और सशक्तिकरण का दोहराया संकल्प

28 और 29 अगस्त को महिलाओं को रोडवेज बसों में निःशुल्क यात्रा की घोषणा, बोले- मातृशक्ति का स्नेह और विश्वास मेरी सबसे बड़ी ताकत

देहरादून, 23 अगस्त 2026। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को देहरादून में आयोजित दो कार्यक्रमों में प्रदेश की मातृशक्ति के साथ रक्षाबंधन का पर्व मनाया। जीएमएस रोड स्थित चौधरी फार्म और हाथीबड़कला स्थित सर्वे स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में महिलाओं ने मुख्यमंत्री को रक्षा सूत्र बांधा और उनके स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की। मुख्यमंत्री ने सभी बहनों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए उनके स्नेह और आशीर्वाद के प्रति आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के प्रेम का पर्व नहीं, बल्कि अटूट स्नेह, विश्वास, समर्पण और सुरक्षा के संकल्प का पर्व है। यह पर्व हमें अपने रिश्तों के प्रति कर्तव्यों और जिम्मेदारियों का निर्वहन करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि नारी सम्मान हमारी संस्कृति और संस्कार का आधार है। जिस समाज में महिलाओं का सम्मान होता है, वही समाज वास्तव में समृद्ध और संस्कारित बनता है।
उन्होंने कहा कि किसी भी समाज और राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति उसकी मातृशक्ति होती है। महिला सशक्त होती है तो उसका लाभ केवल परिवार तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरा समाज और राष्ट्र आगे बढ़ता है। आज महिलाएं अंतरिक्ष से लेकर देश की सीमाओं तक और घर-परिवार से लेकर उद्योग एवं व्यवसाय तक हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परिचय दे रही हैं तथा नेतृत्व की भूमिका में भी आगे बढ़ रही हैं।
पहाड़ की महिलाओं ने संघर्ष को बनाया अपनी शक्ति
मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की मातृशक्ति पर उन्हें गर्व है। पहाड़ की महिलाओं ने कठिन परिस्थितियों और संघर्षों को अपनी शक्ति बनाया है तथा परिवार, समाज और प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए अनेक ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। उज्ज्वला योजना, जल जीवन मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना और लखपति दीदी अभियान जैसी योजनाओं ने महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का काम किया है। महिला आरक्षण, शौचालय निर्माण और तीन तलाक जैसी कुप्रथाओं के खिलाफ निर्णायक कदम भी महिलाओं के अधिकारों और सम्मान की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास हैं।
5 लाख महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ीं
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार भी महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उत्तराखंड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, सशक्त बहना उत्सव, मुख्यमंत्री महिला स्वयं सहायता समूह सशक्तिकरण योजना और मुख्यमंत्री उद्यमशाला जैसी पहलों के माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार एवं उद्यमिता के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि प्रदेश की करीब 5 लाख महिलाएं 70 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर स्वरोजगार और आर्थिक गतिविधियों में भागीदारी कर रही हैं। प्रदेश में 7 हजार से अधिक ग्राम संगठन और 500 से अधिक क्लस्टर संगठन भी महिलाओं की सामूहिक शक्ति और नेतृत्व का उदाहरण हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 3 लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। इन महिलाओं ने अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के साथ ही महिला सशक्तिकरण की नई मिसाल कायम की है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में सरकारी सेवाओं में महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण लागू किया गया है। समान नागरिक संहिता के माध्यम से भी महिलाओं के अधिकारों की रक्षा और उन्हें समान न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।
34 हजार से अधिक युवाओं को दी सरकारी नौकरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी मां के लिए सबसे बड़ी खुशी तब होती है, जब उसका बेटा या बेटी पढ़-लिखकर अपने पैरों पर खड़ा हो और रोजगार प्राप्त करे। सरकार ने इसी भावना को समझते हुए अपने पांच वर्ष के कार्यकाल में 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी देने का कार्य किया है।
उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए नकल विरोधी कानून लागू किया गया है और भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी रोकने के लिए कठोर व्यवस्थाएं की गई हैं। सरकार का प्रयास है कि युवाओं को उनकी मेहनत और योग्यता के आधार पर अवसर मिलें।
“मुख्यमंत्री के रूप में नहीं, एक भाई के रूप में आपके बीच आया हूं”
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि रक्षाबंधन के इस समारोह में वे केवल मुख्यमंत्री के रूप में नहीं, बल्कि एक भाई के रूप में अपनी बहनों के बीच उपस्थित हुए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की किसी भी बहन या बेटी को कोई परेशानी हो तो वह निःसंकोच अपनी बात मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचा सकती है। उनकी समस्या के समाधान के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य ऐसा उत्तराखंड बनाना है, जहां बेटियां सुरक्षित हों, बहनें आत्मनिर्भर हों, माताएं सम्मान के साथ जीवन व्यतीत करें और प्रदेश का युवा अपने भविष्य को लेकर आश्वस्त रहे।
28 और 29 अगस्त को महिलाओं के लिए रोडवेज बसों में निःशुल्क यात्रा
मुख्यमंत्री ने रक्षाबंधन के अवसर पर महिलाओं को विशेष सौगात देते हुए 28 और 29 अगस्त को उत्तराखंड रोडवेज की बसों में निःशुल्क यात्रा की घोषणा की। इस सुविधा से महिलाएं रक्षाबंधन के अवसर पर अपने मायके और परिवारजनों से मिलने के लिए सुगमता से यात्रा कर सकेंगी।
जीएमएस रोड स्थित चौधरी फार्म में आयोजित कार्यक्रम में कार्यक्रम के आयोजक जोगिंदर सिंह पुंडीर, उत्तराखंड आपदा प्रबंधन राज्य सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष विनय कुमार रोहिला, अन्य जनप्रतिनिधि तथा प्रदेशभर से बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं।
वहीं, हाथीबड़कला स्थित सर्वे स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया राहटकर सहित अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में मातृशक्ति मौजूद रही।
दोनों कार्यक्रमों में मुख्यमंत्री ने बहनों से संवाद करते हुए रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की मातृशक्ति का स्नेह, आशीर्वाद और विश्वास ही उन्हें प्रदेश की सेवा के लिए निरंतर प्रेरित करता रहेगा।

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