उत्तराखंडराज्यविविध

नैनीताल के वरिष्ठ पत्रकार डॉ. गिरीश रंजन तिवारी को मिला उत्तराखंड गौरव सम्मान

उत्तराखंड राज्य स्थापना के राज्योत्सव के अवसर पर देहरादून में गृहमंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री धामी ने प्रदान किया प्रशस्ति पत्र और एक लाख की राशि

संवाददाता। ललित जोशी
नैनीताल 06 नवम्बर । सरोवर नगरी नैनीताल के वरिष्ठ पत्रकार और लेखक कुमाऊं विवि के पत्रकारिता विभाग के पूर्व विभागध्यक्ष डॉ. गिरीश रंजन तिवारी को गृहमंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड राज्य गौरव पुरस्कार प्रदान किया। उन्होंने डॉ. तिवारी को पुरस्कार स्वरुप प्रशस्ति पत्र और एक लाख की राशि प्रदान की।
डॉ. तिवारी को यह पुरस्कार पत्रकारिता, लेखन और अध्यापन में उल्लेखनीय कार्यों के लिए दिया गया।
इस अवसर पर उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज,गणेश जोशी,डॉ.धन सिंह रावत,सुबोध उनियाल,रेखा आर्य,सौरभ बहुगुणा, खजान दास,भारत सिंह चौधरी, मदन कौशिक, प्रदीप बत्रा ,राम सिंह कैड़ा,पूर्व मुख्यमंत्री व पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी, डॉ.रमेश पोखरियाल निशंक,विजय बहुगुणा, तीरथ सिंह रावत,राज्यमंत्री, प्रदीप टमटा, सांसद अजय भट्ट, अनिल बलूनी, दिनेश आर्या, त्रिवेंद्र सिंह रावत, विधायकों सहित मुख्य सचिव, डीजीपी वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्यजन उपस्थित थे।

अमेरिका, हंगरी, मॉरीशस के भारतीय दूतावासों सहित अनेक देशों में हो चुके हैं पुरस्कृत, मिला है राजभाषा गौरव सम्मान ।
डॉ. गिरीश रंजन तिवारी को हाल में केंद्रीय गृह मंत्रालय के राजभाषा विभाग की ओर से अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन में उनकी पुस्तक ‘अतीत से वर्तमान तक : नैनीताल का सफर और गॉथिक राजभवन के निर्माण की अद्भुत गाथा’ के लिए प्रतिष्ठित राजभाषा गौरव सम्मान प्रदान किया गया था। देशभर से 13 लेखकों को यह पुरस्कार दिया गया जिनमें उत्तराखंड से यह सम्मान प्राप्त करने वाले डॉ. तिवारी एकमात्र लेखक और उत्तराखंड से पहले पत्रकार थे।
डॉ. गिरीश रंजन तिवारी हिंदी लेखन, पत्रकारिता और हिंदी भाषा के प्रचार प्रसार के लिए

अमेरिका, हंगरी और मॉरीशस के भारतीय दूतावासों, थाईलैंड, सिंगापुर की प्रतिष्ठित संस्थाओं और विश्वविद्यालयों सहित देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों और संस्थाओं की ओर से भी पुरस्कृत हो चुके हैं। पत्रकारिता पर वे तीन पुस्तकें लिख चुके हैं जिनमें एक का विमोचन मॉरीशस के राष्ट्रपति ने वहां के राष्ट्रपति भवन में किया था। उनके दो दर्जन शोध पत्र और एक हजार से ज्यादा लेख भी प्रकाशित हो चुके हैं। उन्हें उत्तराखंड रत्न, राज्य सूचना आयोग से आरटीआई अवार्ड, अंतर्राष्ट्रीय भारत सम्मान अचीवर्स अवार्ड सहित अनेक प्रतिष्ठित पुरस्कार मिल चुके हैं।

Related Articles

Back to top button