Breaking Newsउत्तराखंड

रिवरडेल इंटरनेशनल स्कूल की रजत जयंती पर पहुंचे राज्यपाल, कहा—रिवरडेल भविष्य की प्रयोगशाला, नई पीढ़ी बनाएगी विकसित भारत का स्वरूप

बाजपुर,

29 नवंबर। रिवरडेल इंटरनेशनल स्कूल ने शनिवार को अपनी रजत जयंती के उपलक्ष्य में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में महामहिम राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.) ने शिरकत की। विद्यालय परिसर पहुंचने पर राज्यपाल का स्वागत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा और मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शाशनी ने पुष्पगुच्छ देकर किया। राज्यपाल ने फीता काटकर एवं दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

अपने संबोधन में महामहिम राज्यपाल ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की पावन वादियों के मध्य स्थापित रिवरडेल विद्यालय में उपस्थित होकर उन्हें अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। उन्होंने विद्यालय परिवार, अभिभावकों, शिक्षकों और छात्रों को 25 वर्ष पूर्ण होने पर हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि रिवरडेल की 25 वर्ष की यात्रा समर्पण, उत्कृष्टता, अनुशासन और दूरदर्शिता से भरी एक प्रेरक गाथा है।

राज्यपाल ने छात्रों द्वारा प्रस्तुत नर्सरी की मासूम प्रस्तुतियों से लेकर जिमनास्टिक, हॉकी ड्रिल, बटरफ्लाई डांस, रैटल ड्रिल और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की सराहना करते हुए कहा कि इन प्रस्तुतियों में विद्यालय की संस्कृति, अनुशासन और प्रतिभा स्पष्ट दिखाई देती है। उन्होंने अपने छात्र जीवन के संस्मरण साझा करते हुए कहा कि अनुशासन, समय का सम्मान और लक्ष्य के प्रति समर्पण जैसे मूल्य जीवन में सफलता के आधार होते हैं।

महामहिम ने कहा कि उधम सिंह नगर का नाम साहस और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है। ऐसे वीर के नाम पर बसे जिले के बच्चे स्वाभाविक रूप से राष्ट्र प्रेम और कर्तव्यनिष्ठा में अग्रणी होते हैं। विद्यालय के हरियाली से भरपूर शांत वातावरण को उन्होंने छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए आदर्श बताया।

राज्यपाल ने विद्यालय की आधुनिक संसाधनों—सौर ऊर्जा संचालित परिसर, स्विमिंग पूल, ट्रैफिक पार्क, एनसीसी इकाई, शूटिंग रेंज, प्रयोगशालाएं, रोबोटिक्स लैब, कंप्यूटर लैब और वनस्पति उद्यान—की सराहना करते हुए कहा कि रिवरडेल केवल विद्यालय नहीं, बल्कि भविष्य की प्रयोगशाला है।

उन्होंने कहा कि आज का युग तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स और डिजिटल कौशल का है, और छात्रों को इस बदलाव में सक्रिय भूमिका निभानी होगी। नवाचार, उद्यमिता और नए विचारों को अपनाने की प्रेरणा देते हुए उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी ही भारत को वैश्विक नेतृत्व दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

शिक्षकों को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि वे राष्ट्रनिर्माण के स्तंभ हैं। ज्ञान के साथ-साथ मूल्य आधारित शिक्षा, तकनीकी नवाचारों का उपयोग और छात्रों के समग्र विकास पर ध्यान देना समय की आवश्यकता है।

कार्यक्रम में विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकों, अभिभावकों और छात्रों की सराहना करते हुए महामहिम ने कहा कि पिछले 25 वर्षों की उपलब्धियाँ रिवरडेल की उत्कृष्टता को सिद्ध करती हैं। उन्होंने छात्रों को राष्ट्रहित में सपने देखने और कार्य करने का संदेश दिया।

कार्यक्रम में प्रधानाचार्य परमीन कौर, अध्यक्ष हरमिंदर सिंह बराड़, सचिव जेपी सिधू, पूर्व दर्जा मंत्री राजेश कुमार, हरेन्द्र सिंह लाड़ी, एडीएम पंकज उपाध्याय, एसडीएम डॉ. अमृता शर्मा सहित बड़ी संख्या में अभिभावक और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

स्कूली बच्चों ने विभिन्न आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए।

Related Articles

Back to top button