मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कनखल स्थित आश्रम में जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज से की शिष्टाचार भेंट
सनातन परंपरा, आध्यात्मिक मूल्यों और राष्ट्र चेतना पर हुआ सार्थक संवाद
हरिद्वार 5 फरवरी 2026।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को हरिद्वार के कनखल स्थित आश्रम पहुंचकर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने महाराज से आशीर्वाद प्राप्त किया तथा सनातन धर्म, भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं, आध्यात्मिक चेतना और समाज में नैतिक मूल्यों के सुदृढ़ीकरण को लेकर विस्तृत चर्चा की।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि जगद्गुरु शंकराचार्य जैसे महान संतों का मार्गदर्शन समाज को सही दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा भारत की आत्मा है, जो सहिष्णुता, करुणा और राष्ट्र सेवा का संदेश देती है। संत समाज का चिंतन और आशीर्वाद जनकल्याण और सामाजिक समरसता के लिए प्रेरणास्रोत है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड देवभूमि होने के साथ-साथ आध्यात्मिक चेतना और सांस्कृतिक विरासत का प्रमुख केंद्र है। राज्य सरकार सनातन संस्कृति, धार्मिक स्थलों के संरक्षण और तीर्थ क्षेत्र विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने बदरीनाथ, केदारनाथ, हरिद्वार सहित अन्य धार्मिक स्थलों में चल रही विकास योजनाओं की भी जानकारी दी।
इस अवसर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री मोहन यादव भी उपस्थित रहे। दोनों मुख्यमंत्रियों ने जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज से आध्यात्मिक विषयों, सांस्कृतिक मूल्यों और राष्ट्र निर्माण में संत समाज की भूमिका पर संवाद किया। महाराज ने दोनों मुख्यमंत्रियों को धर्म, सेवा और राष्ट्रहित के मार्ग पर निरंतर अग्रसर रहने का आशीर्वाद प्रदान किया।
भेंट के दौरान आध्यात्मिक एकता, सांस्कृतिक पुनर्जागरण, युवाओं में नैतिक मूल्यों के संवर्धन तथा समाज में सद्भाव बनाए रखने जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि संतों का सान्निध्य और मार्गदर्शन शासन को लोककल्याण की भावना से कार्य करने की प्रेरणा देता है।
मुख्यमंत्री ने अंत में जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए कहा कि उनका जीवन सनातन संस्कृति, ज्ञान परंपरा और राष्ट्र चेतना का प्रतीक है, जिससे आने वाली पीढ़ियाँ निरंतर प्रेरणा प्राप्त करती रहेंगी।
