उत्तराखंडराज्य

‘पहाड़ की नारी, देश की शक्ति’ कार्यक्रम में 12 महिलाओं का सम्मान, शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वरम का संदेश—नारी सम्मान से ही राष्ट्र उन्नति

ऋषिकेश/देहरादून,20 मार्च 2026। उत्तराखंड राज्य महिला आयोग द्वारा अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में ऋषिकेश स्थित AIIMS Rishikesh के मुख्य सभागार में ‘पहाड़ की नारी, देश की शक्ति’ थीम पर भव्य एवं गरिमामयी कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण स्वामी राजराजेश्वरम (जगद्गुरु शंकराचार्य) का पावन सान्निध्य रहा। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी का स्थान सर्वोच्च है और मातृशक्ति के सम्मान एवं अधिकार ही राष्ट्र की उन्नति का आधार हैं।
प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी कार्यक्रम में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हो सके, लेकिन वर्चुअल माध्यम से जुड़कर उन्होंने प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की महिलाएं संघर्ष, समर्पण और नेतृत्व का प्रतीक हैं तथा राज्य सरकार उनके सामाजिक, आर्थिक और कानूनी सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने कहा कि आयोग का लक्ष्य अंतिम छोर पर खड़ी महिला तक न्याय और स्वरोजगार के अवसर पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान समारोह नारी शक्ति के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक है।
इस अवसर पर ऋषिकेश विधायक प्रेमचंद अग्रवाल, बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. गीता खन्ना, डॉ. रीमा पंत, एम्स निदेशक डॉ. मीनू सिंह एवं महापौर शम्भू पासवान सहित अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार व्यक्त किए और समाज निर्माण में महिलाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा, शिक्षा, स्वरोजगार और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाली 12 महिलाओं को सम्मानित किया गया। इनमें जया बलूनी (एसपी देहात), साक्षी सिंह (IIS), गीता चंदोला, तुलसी मेहरा, नेहा सिंह, दर्शनी देवी नेगी, रेखा रयाल, कमला नेगी, चन्द्रिका पुंज, मुस्कान (स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ी), रेखा राणा और डॉ. अर्पिता नेगी शामिल रहीं।
इस भव्य आयोजन में आयोग की उपाध्यक्ष सायरा बानो, सदस्यगण, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं।

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