
देहरादून, 09 अप्रैल 2026 — मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में गुरुवार को सचिवालय में Asian Development Bank (एडीबी) और उत्तराखण्ड सरकार के निर्माण संबंधी विभागों के बीच अहम बैठक आयोजित हुई। बैठक में प्रदेश में चल रहे विभिन्न प्रोजेक्ट्स की समीक्षा की गई और विभागों द्वारा अपने महत्वपूर्ण प्रस्तावों का प्रस्तुतीकरण भी किया गया।
मुख्य सचिव ने एडीबी अधिकारियों से प्रदेश में कौशल विकास आधारित परियोजनाओं पर विशेष ध्यान देने का अनुरोध किया। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक जनपद में कम से कम एक मॉडल स्किल सेंटर स्थापित किया जाए, जहां युवाओं को प्रशिक्षण, प्रमाणन (सर्टिफिकेशन) और 100 प्रतिशत प्लेसमेंट सुनिश्चित किया जा सके। इसके लिए एक समग्र (होलिस्टिक) योजना तैयार करने को कहा गया।
बैठक में लोक निर्माण विभाग के तहत पुल निर्माण और भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों के उपचार (लैंडस्लाइड ट्रीटमेंट) कार्यों को एडीबी से वित्तपोषित कराने के लिए प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए गए। साथ ही टिहरी झील रिंग रोड परियोजना को प्राथमिकता के आधार पर एडीबी के माध्यम से वित्तपोषित करने पर जोर दिया गया।
मुख्य सचिव ने उद्यान विभाग की योजनाओं को भी एडीबी के माध्यम से वित्तपोषित करने की संभावनाओं पर बल दिया। उन्होंने कहा कि जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (JICA) से वित्तपोषित जनपदों को छोड़कर अन्य जिलों के प्रस्ताव एडीबी को भेजे जाएं। इसके साथ ही अर्बन मोबिलिटी और अर्बन प्लानिंग को भी एडीबी परियोजनाओं में शामिल करने तथा ग्रीनफील्ड और ब्राउनफील्ड टाउनशिप विकास योजनाएं तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
उन्होंने सभी विभागों को अपनी योजनाओं की प्राथमिकता तय कर चरणबद्ध तरीके से महत्वपूर्ण परियोजनाएं एडीबी को भेजने के निर्देश दिए।
बैठक में एडीबी की कंट्री डायरेक्टर Mio Oka ने उत्तराखण्ड में चल रही परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना की और विभागों से नए प्रस्ताव शीघ्र उपलब्ध कराने का आग्रह किया।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव श्री आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव श्री नितेश कुमार झा, डॉ पंकज कुमार पांडेय, श्री दिलीप जावलकर तथा एडीबी के श्री अशोक श्रीवास्तव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।