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सेलाकुई में बहुउद्देशीय विधिक जागरूकता शिविर, 3500 से अधिक लोगों ने किया प्रतिभाग

देहरादून,06 सितंबर। उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण,नैनीताल के तत्वावधान में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून की ओर से रविवार को जय कम्युनिटी सेंटर सेलाकुई एवं पीएम श्री शहीद सत्येन्द्र चौहान अटल उत्कृष्ट इंटर कॉलेज में बहुउद्देशीय विधिक सेवाएं एवं जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। शिविर में 40 से अधिक सरकारी विभागों एवं गैर-सरकारी संस्थाओं ने स्टॉल लगाकर लोगों को विभिन्न योजनाओं और सेवाओं की जानकारी दी। शिविर में करीब 3500 से अधिक लोगों ने प्रतिभाग किया, जबकि 2000 से अधिक लाभार्थियों को विभिन्न योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ मिला।
कार्यक्रम का शुभारंभ उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता, कार्यपालक अध्यक्ष न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी एवं न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर जिला न्यायाधीश हरीश कुमार गोयल, प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय आर.के. खुल्बे, सदस्य सचिव उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण प्रदीप कुमार मणि, जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र डोबाल, बार एसोसिएशन देहरादून के अध्यक्ष अनिल कुकरेती, सचिव अजय बिष्ट सहित न्यायिक एवं प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
नशे के खिलाफ युवाओं को दिलाई प्रतिज्ञा
कार्यक्रम में संस्कृति विभाग के कलाकारों ने सरस्वती वंदना, स्वागत गीत एवं लोक नृत्य की प्रस्तुति दी। वहीं एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से नशे के दुष्परिणामों के प्रति लोगों को जागरूक किया।
मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता ने नुक्कड़ नाटक की सराहना करते हुए कहा कि नशा युवाओं और समाज के भविष्य के लिए गंभीर चुनौती है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों पर विशेष ध्यान देने का आह्वान करते हुए कहा कि युवाओं को ड्रग्स की चपेट में आने से बचाना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। इस दौरान उन्होंने उपस्थित लोगों को नशा मुक्ति की प्रतिज्ञा भी दिलाई।
मेधावी विद्यार्थियों को टैबलेट, विद्यालयों को कंप्यूटर और आरओ
शिविर के दौरान न्यायमूर्तिगण द्वारा विभिन्न विद्यालयों को कंप्यूटर, यूपीएस एवं प्रिंटर वितरित किए गए। चार विद्यालयों को कंप्यूटर, यूपीएस व प्रिंटर तथा पांच विद्यालयों को आरओ वाटर प्यूरीफायर प्रदान किए गए। इसके अलावा वर्ष 2025-26 में कक्षा 10वीं एवं 12वीं के मेधावी छात्र-छात्राओं को टैबलेट वितरित किए गए।
जरूरतमंद लोगों को स्कूल बैग, स्टेशनरी, ट्रैक सूट, कंबल, मेडिकल किट, महालक्ष्मी किट एवं बेबी किट सहित विभिन्न जनकल्याण सामग्री वितरित की गई। दिव्यांगजनों को व्हीलचेयर, बैसाखी, वॉकर एवं श्रवण यंत्र भी प्रदान किए गए। शिविर की स्वच्छता व्यवस्था में सहयोग करने वाले 12 पर्यावरण मित्रों को सम्मानित किया गया।
स्वास्थ्य शिविर में हुई जांच, जरूरतमंदों को मिले चश्मे और दवाएं
मुख्य न्यायाधीश ने शिविर में लगाए गए विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया। स्वास्थ्य शिविर में स्वास्थ्य विभाग द्वारा शुगर, बीपी, हीमोग्लोबिन एवं ईसीजी की जांच के साथ निःशुल्क दवाएं वितरित की गईं। सीमा डेंटल कॉलेज की ओर से दंत जांच तथा राही नेत्रधाम द्वारा नेत्र परीक्षण कर जरूरतमंद लोगों को चश्मे वितरित किए गए।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सीमा डुंगराकोटी ने कहा कि ऐसे शिविरों का मुख्य उद्देश्य जरूरतमंद एवं वंचित वर्ग तक न्याय, विधिक सहायता और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि विधिक सेवा प्राधिकरण आमजन को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के साथ ही पात्र लोगों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

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