उत्तराखंडस्वास्थ्य

राज्यपाल गुरमीत सिंह ने टीबी रोगियों, दिव्यांगजनों और अनाथ बच्चों से किया आत्मीय संवाद, बांटे उपहार व सहायता सामग्री

सेवा, संवेदना और सहयोग से ही बनेगा समावेशी एवं सशक्त समाज : राज्यपाल

देहरादून,16 अक्टूबर। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने शुक्रवार को लोक भवन में आयोजित कार्यक्रम में टीबी रोगियों, दिव्यांगजनों एवं अनाथ बच्चों से आत्मीय संवाद कर उनकी समस्याओं, अनुभवों और आवश्यकताओं की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने बच्चों को उपहार प्रदान किए, टीबी रोगियों को पौष्टिक आहार वितरित किया तथा जरूरतमंदों को सिलाई मशीनें भेंट कर उनका उत्साहवर्धन किया। राज्यपाल ने हर्षल फाउंडेशन के दिव्यांगजनों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों की प्रदर्शनी का अवलोकन कर उनके हुनर, मेहनत और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने कहा कि समाज की वास्तविक प्रगति तभी संभव है, जब विकास की मुख्यधारा में प्रत्येक व्यक्ति की भागीदारी सुनिश्चित हो। दिव्यांगजन अपनी प्रतिभा, क्षमता और आत्मविश्वास के बल पर समाज को नई दिशा देने में सक्षम हैं। जरूरत इस बात की है कि उन्हें समान अवसर, उचित मंच और प्रोत्साहन उपलब्ध कराया जाए, ताकि वे आत्मनिर्भर बनकर अपने सपनों को साकार कर सकें। उन्होंने दिव्यांगजनों के सशक्तीकरण के लिए कार्य कर रहे संस्थानों और संगठनों के प्रयासों को महत्वपूर्ण बताते हुए उनकी सराहना की।
टीबी उन्मूलन के लिए उपचार, पौष्टिक आहार और सामाजिक सहयोग जरूरी
टीबी रोग के उन्मूलन पर जोर देते हुए राज्यपाल ने कहा कि इस बीमारी के विरुद्ध लड़ाई में समय पर उपचार, पौष्टिक आहार और परिवार एवं समाज का सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण है। टीबी रोगियों को केवल चिकित्सकीय उपचार ही नहीं, बल्कि भावनात्मक संबल और सामाजिक सहयोग भी मिलना चाहिए। उन्होंने सभी नागरिकों से टीबी उन्मूलन के राष्ट्रीय अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने तथा रोगियों के प्रति संवेदनशील, सहयोगात्मक और सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान किया।
राज्यपाल ने कहा कि सेवा, संवेदना और सहयोग की भावना ही एक समावेशी एवं सशक्त समाज की आधारशिला है। समाज के प्रत्येक सक्षम व्यक्ति और संस्था को जरूरतमंदों की सहायता के लिए आगे आना चाहिए, ताकि कोई भी व्यक्ति अवसरों और संसाधनों के अभाव में पीछे न रह जाए। उन्होंने कहा कि समाज के वंचित एवं जरूरतमंद वर्गों को सहयोग प्रदान करना केवल सामाजिक दायित्व ही नहीं, बल्कि मानवीय संवेदना का भी प्रतीक है।
कार्यक्रम में सांसद नरेश बंसल, हर्षल फाउंडेशन की अध्यक्ष रमा गोयल, अपर सचिव रीना जोशी, विभिन्न संप्रदायों के धर्मगुरु, संबंधित संस्थाओं के प्रतिनिधि तथा अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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