देहरादून 29 अक्टूबर ।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में गुरुवार को उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) एवं पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन ऑफ उत्तराखंड लिमिटेड (पिटकुल) की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में दोनों निगमों की वर्तमान वित्तीय स्थिति, लंबित देनदारियों, वित्तीय चुनौतियों तथा विभिन्न विकास कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में यूपीसीएल एवं पिटकुल के प्रबंध निदेशकों द्वारा निगमों की वर्तमान वित्तीय स्थिति एवं वित्तीय चुनौतियों से मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया। इस दौरान निगमों की वित्तीय स्थिति में सुधार लाने, लंबित देनदारियों का समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने तथा आवश्यक वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता के संबंध में विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में अनुपूरक बजट में अतिरिक्त मांगों के सापेक्ष स्वीकृति, सरकारी कार्यालयों के लंबित विद्युत बिलों के भुगतान, उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन के विभाजन से संबंधित परिसंपत्तियों एवं देनदारियों के विवरण तथा उपाकालि द्वारा कराए जा रहे ईपीसी कार्यों के सापेक्ष लंबित धनराशि की व्यवस्था पर चर्चा की गई।
बैठक में मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना के अंतर्गत दैवीय आपदा से संबंधित कार्यों के भुगतान, सरकारी कार्यालयों में प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाने के लिए बजट की व्यवस्था तथा प्रदेश में बिजली की मांग में वृद्धि के दृष्टिगत शीतकालीन अवधि में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक वित्तीय प्रावधानों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
मुख्यमंत्री ने निगमों की वित्तीय स्थिति को सुदृढ़ करने तथा लंबित भुगतान से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिये।
*सरकारी कार्यालयों की लंबित देनदारियों के भुगतान में तेजी लाने के निर्देश*
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विभिन्न सरकारी विभागों पर विद्युत बिलों के रूप में लंबित देनदारियों के समयबद्ध भुगतान पर विशेष जोर दिया। बैठक में 30 सितंबर, 2026 तक विद्युत मूल्य के सापेक्ष विभिन्न सरकारी विभागों पर लगभग 539.61 करोड़ रुपये की धनराशि बकाया होने की जानकारी दी गई।
मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकारी विभागों पर लंबित विद्युत देनदारियों का भुगतान सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने अनुपूरक बजट में स्वीकृत धनराशि के सापेक्ष लगभग 166 करोड़ रुपये की शेष धनराशि भी उपाकालि को अवमुक्त किए जाने के निर्देश दिए, ताकि संबंधित कार्यों एवं भुगतान की प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके।
*सरकारी कार्यालयों और भवनों पर प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाने को प्राथमिकता*
भारत सरकार की आरडीएसएस योजना के अंतर्गत प्रथम चरण में सभी सरकारी कार्यालय और भवनों पर स्थापित स्मार्ट मीटरों को प्रीपेड मोड में परिवर्तित करने के लिए आवश्यक बजट आवंटन को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री ने उपाकालि द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव के अनुरूप स्मार्ट मीटरों को प्रीपेड मोड में परिवर्तित करने से संबंधित प्रक्रिया को आगे बढ़ाने तथा इसके लिए आवश्यक प्रशिक्षण एवं अन्य व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
*ऊर्जा क्षेत्र की योजनाओं एवं विकास कार्यों की नियमित समीक्षा पर जोर*
मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत संचालित कार्यों के भुगतान, पूंजीगत कार्यों के लिए धनराशि की उपलब्धता तथा उत्तराखंड एवं उत्तर प्रदेश के मध्य परिसंपत्तियों एवं देनदारियों के विभाजन से संबंधित ट्रांसफर स्कीम के अंतर्गत लंबित देय धनराशि के विषय में भी आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
उन्होंने विद्युत निगमों को अपनी वित्तीय स्थिति में सुधार लाने, उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग करने तथा लंबित देनदारियों के निस्तारण की दिशा में ठोस कदम उठाने के निर्देश दिये।
बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्धन, प्रमुख सचिव आर के सुधांशु व मीनाक्षी सुंदरम साहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
