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कासिगा स्कूल वार्षिकोत्सव 2026 की उपलब्धियाँ सजेगा ‘फेस्टोरिया’, संस्कृति, विज्ञान और नवाचार का होगा संगम

कासिगा स्कूल में सजा ‘फेस्टोरिया-2026’ का रंग, विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा

*नवाचार और भारतीय विरासत का अनूठा संगम, कासिगा स्कूल में दिखी विद्यार्थियों की प्रतिभा*

देहरादून 04 नवंबर । कासिगा स्कूल में विद्यार्थियों की रचनात्मकता, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, सांस्कृतिक चेतना और व्यावहारिक कौशल को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से वार्षिक फेटे ‘फेस्टोरिया’ के साथ विभिन्न शैक्षणिक एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों को प्रमुखता दी जाएगी। अंग्रेजी, हिन्‍दी, विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान, कम्‍प्‍यूटर और आर्ट आदि विविध विषयों की प्रदर्शनी, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ और विद्यालय में आयोजित वार्षिकोत्सव 2026 की उपलब्धियाँ इसके विशेष आकर्षण रहे ।
इन पहलों के माध्यम से विद्यालय ने शिक्षा को अनुभव, प्रयोग, मनोरंजन और भारतीय सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का प्रयास किया है। विद्यार्थियों की प्रतिभा को मंच प्रदान करने के साथ-साथ इन गतिविधियों का उद्देश्य उनमें तार्किक चिंतन, सहयोग, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना है।
कासिगा स्कूल का वार्षिकोत्सव 2026 ‘उद्गम से उदय’ (From Beginnings to Brilliance) विषय पर आधारित एक भव्य सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक आयोजन रहा। इसने विद्यार्थियों की प्रतिभा, रचनात्मकता, शैक्षणिक उपलब्धियों और सामूहिक प्रयासों को प्रभावशाली मंच प्रदान किया।
समारोह में विद्यालय के अध्यक्ष श्री रमेश बत्ता, प्रथम महिला श्रीमती पूनम बत्ता, निदेशक श्री सिद्धार्थ बत्ता एवं श्रीमती चांदनी बत्ता, विद्यालय प्रमुख डॉ. माधव देव सारस्वत तथा उप विद्यालय प्रमुख श्री सुनील जैन की गरिमामयी उपस्थिति रही। समारोह के मुख्य अतिथि श्री अनिल स्वरूप, पूर्व भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी एवं भारत सरकार के पूर्व सचिव, थे।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रार्थना, शांति-पाठ और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद ऑर्केस्ट्रा प्रस्तुति ‘द यंग सिम्फनी’ और अंग्रेज़ी नाटक ‘कैओस इन द मेन्यू’ (Chaos in the Menu) ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया।
इस अवसर पर विद्यालय की वार्षिक पत्रिका ‘कासिगा स्कूल ईयरबुक 2026’ का विमोचन किया गया तथा उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।
जॉन मेसन मेमोरियल अवॉर्ड्स के अंतर्गत अंग्रेज़ी साहित्यिक अभिव्यक्ति, हिंदी साहित्यिक उत्कृष्टता और रंगमंच के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मान प्रदान किए गए। विभिन्न हाउस गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों और हाउसों की उपलब्धियों की भी सराहना की गई।
समारोह का प्रमुख आकर्षण नृत्य-नाटिका ‘द सिल्क रोड’ (The Silk Road) रही। इस प्रस्तुति ने प्राचीन रेशम मार्ग के माध्यम से विभिन्न सभ्यताओं, संस्कृतियों, विचारों और परंपराओं के बीच हुए ऐतिहासिक आदान-प्रदान को जीवंत किया। नृत्य, संगीत, अभिनय और काव्य के सुंदर समन्वय ने विविधता में एकता, पारस्परिक सम्मान और सांस्कृतिक सहयोग का संदेश दिया।
वार्षिकोत्सव ने विद्यालय की उस शैक्षणिक दृष्टि को रेखांकित किया, जिसमें शिक्षा का उद्देश्य केवल अकादमिक उपलब्धियाँ प्राप्त करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में नेतृत्व, आत्मविश्वास, संवेदनशीलता, रचनात्मकता और वैश्विक दृष्टिकोण विकसित करना भी है।

कासिगा स्कूल का वार्षिक फेटे ‘फेस्टोरिया 2026’ विद्यालय के स्विमिंग पूल एवं जिम क्षेत्र में आयोजित किया गया । इस अवसर पर विद्यार्थियों एवं आगंतुकों के लिए लकी ड्रॉ, पॉटरी, डीजे म्यूजिक, अंडरवॉटर कॉइन चैलेंज, व्हील ऑफ फॉर्च्यून, रिंग टू विन सहित अनेक मनोरंजक खेलों और गतिविधियों की व्यवस्था की गई है। साथ ही, हस्तनिर्मित उत्पादों एवं विभिन्न खाद्य पदार्थों के स्टॉल भी आकर्षण का केंद्र रहे ।
विद्यालय में आयोजित शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के अंतर्गत ‘हेरिटेज टू इनोवेशन’ विषय के माध्यम से भारतीय सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक विचारों का सुंदर समन्वय प्रस्तुत किया गया। इसमें नुक्कड़ नाटक, संस्कृत गीत, कविता-पाठ, भाषण तथा ‘पीपल वर्सेस इंग्लिश लैंग्वेज’ स्किट प्रमुख रहे।
‘मैथमेटिक्स अराउंड अस’ गतिविधि के माध्यम से विद्यार्थियों ने दैनिक जीवन में गणित की उपयोगिता को प्रदर्शित किया। वहीं, विज्ञान एवं नवाचार प्रदर्शनी में अल्कोहल सेंसर हेलमेट, एरोपोनिक्स, डीएनए डबल हेलिक्स, बायो-कटलरी, ड्रिप सिंचाई प्रणाली, थर्मो रूफ और फॉरेंसिक विज्ञान जैसे मॉडल प्रस्तुत किए गए।
विशेष प्रस्तुति ‘द जर्नी थ्रू द ह्यूमन माइंड’ में बहुबुद्धिमत्ता सिद्धांत, व्यक्तित्व एवं मानवीय व्यवहार से जुड़ी मनोवैज्ञानिक अवधारणाओं को रोचक ढंग से प्रस्तुत किया गया।
इसके अतिरिक्त, ‘उद्गम से उदय – हमारे मूल से हमारे उत्कर्ष तक’ कार्यक्रम में भारतीय सभ्यता, ज्ञान-परंपरा, ऐतिहासिक विरासत और लोकतांत्रिक मूल्यों की यात्रा को छह चरणों में दर्शाया गया।
इन सभी गतिविधियों का उद्देश्य विद्यार्थियों में रचनात्मकता, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, तार्किक चिंतन, आत्मविश्वास, टीमवर्क और सामाजिक उत्तरदायित्व जैसे जीवनोपयोगी कौशल विकसित करना है। इस अवसर पर विद्यालय के समस्‍त शिक्षक, श‍िक्षिका और समस्‍त सहकर्मी भी उपस्थित रहे।

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