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ग्रामीण विकास योजनाओं की गहन समीक्षा, कूड़ा निस्तारण से लेकर आजीविका संवर्धन तक दिए सख्त निर्देश

सीडीओ दिवेश शासनी ने अधिकारियों को समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने को कहा

रूद्रपुर, 24 जनवरी, 2026 । मुख्य विकास अधिकारी श्री दिवेश शासनी ने विकास भवन सभागार में ग्राम्य विकास विभाग द्वारा जनपद में संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। समीक्षा बैठक में मनरेगा, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM), ग्रामोत्थान (रीप), प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) एवं ग्रामीण स्वच्छता के अंतर्गत रूरल वेस्ट मैनेजमेंट की प्रगति पर गहन चर्चा की गई।
मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी खण्ड विकास अधिकारी अपने-अपने विकास खण्डों में कूड़ा निस्तारण की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करें। इसके लिए जिला पंचायतराज अधिकारी एवं अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत से समन्वय स्थापित करते हुए स्थापित कंपैक्टरों का सुचारू संचालन कराया जाए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में कूड़े का पृथकीकरण करते हुए वैज्ञानिक ढंग से निस्तारण किया जाए तथा हाइवे से सटे ग्रामीण क्षेत्रों में कूड़ा निस्तारण की ठोस कार्ययोजना तैयार कर प्रस्तुत की जाए। किसी भी स्थान पर कूड़ा एकत्रित न होने पाए तथा कूड़ा संग्रहण वाहनों का नियमित संचालन अनिवार्य रूप से कराया जाए।
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की समीक्षा के दौरान सीडीओ ने निर्देश दिए कि निर्धारित समय-सीमा के अंतर्गत सभी लाभार्थियों का सत्यापन पूर्ण किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी स्थिति में कोई भी पात्र व्यक्ति आवासीय सुविधा से वंचित नहीं रहना चाहिए।
मनरेगा योजना के अंतर्गत मानव दिवस सृजन बढ़ाने तथा अमृत सरोवरों पर आजीविका से जुड़ी गतिविधियों के संचालन के निर्देश भी दिए गए। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की समीक्षा करते हुए उन्होंने जनपद में स्थापित ग्रोथ सेंटर्स के सुचारू संचालन पर विशेष जोर दिया और कहा कि सभी ग्रोथ सेंटर्स का संचालन रीप परियोजना के सहयोग से किया जाए।
मुख्य विकास अधिकारी ने स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं की आर्थिक उन्नति एवं सामाजिक सशक्तिकरण पर बल देते हुए कहा कि उन्हें जागरूक कर उनकी आय में वृद्धि सुनिश्चित की जाए। साथ ही सभी खण्ड विकास अधिकारियों को इंटीग्रेटेड फार्मिंग क्लस्टर (IFC) पर फोकस करते हुए अधिक से अधिक लक्ष्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।
DDUGKY की समीक्षा के दौरान उन्होंने निर्देशित किया कि खण्ड विकास अधिकारी स्वयं प्रशिक्षण केंद्रों का निरीक्षण कर गुणवत्ता की जांच सुनिश्चित करें।
बैठक में परियोजना निदेशक डीआरडीए हिमांशु जोशी, जिला विकास अधिकारी सुशील मोहन डोभाल, परियोजना अर्थशास्त्री शैलेंद्र श्रीवास्तव, जिला थीमेटिक एक्सपर्ट सौरभ सक्सेना, विपिन राणा, खण्ड विकास अधिकारी के.के. कांडपाल, कमल किशोर पांडे, शेखर जोशी, अतिया परवेज, असित आनंद, सी.आर. आर्य, संजय गांधी सहित ग्राम्य विकास विभाग से संबंधित योजनाओं के डीपीओ मनरेगा, ब्लॉक मिशन मैनेजर (NRLM) एवं रीप परियोजना के कार्मिक उपस्थित रहे।

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