
देहरादून 17 जुलाई । पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय,नरेंद्र नगर में आयोजित उपनिरीक्षक (नागरिक पुलिस/अभिसूचना/गुल्मनायक) आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत शुक्रवार को आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विभाग के अपर सचिव प्रकाश चंद्र ने प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों को आपदा प्रबंधन विषय पर विशेष व्याख्यान दिया।
उन्होंने “Disaster Management Act” तथा “Challenges and Provisions in Uttarakhand” विषयों पर विस्तार से जानकारी देते हुए आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 के प्रमुख प्रावधानों, विभिन्न संस्थाओं की भूमिका एवं उत्तरदायित्व, आपदा जोखिम न्यूनीकरण, पूर्व तैयारी, त्वरित राहत एवं बचाव कार्य तथा समन्वित आपदा प्रबंधन व्यवस्था की जानकारी साझा की।
अपर सचिव ने कहा कि उत्तराखण्ड की भौगोलिक एवं जलवायु परिस्थितियों के कारण राज्य भूस्खलन, अतिवृष्टि, बादल फटना, बाढ़, हिमस्खलन, भूकंप और वनाग्नि जैसी प्राकृतिक आपदाओं के प्रति अत्यधिक संवेदनशील है। ऐसे समय में पुलिस की भूमिका केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं रहती, बल्कि राहत एवं बचाव कार्य, प्रभावित लोगों की सुरक्षित निकासी, यातायात प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण, विभिन्न विभागों के बीच समन्वय तथा त्वरित एवं प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने में भी महत्वपूर्ण होती है।
उन्होंने प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों से आपदा प्रबंधन से जुड़े विधिक प्रावधानों, मानक संचालन प्रक्रियाओं (SOPs) तथा आधुनिक आपदा प्रबंधन तंत्र की जानकारी को व्यवहारिक कार्यों में अपनाने और जनसुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंत में श्री प्रकाश चंद्र ने पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय को उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (यूएसडीएमए) द्वारा प्रकाशित “आपदा प्रबंधन हस्तपुस्तिका” तथा विभिन्न आपदाओं से संबंधित मानक संचालन प्रक्रियाओं (SOPs) की प्रतियां भी भेंट कीं।



