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उत्तराखंड में अग्निवीरों के लिए बनेगा विशेष ‘अग्निवीर सेल’, मुख्यमंत्री धामी ने की कई बड़ी घोषणाएं

देहरादून, 17 जुलाई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को यूथ फाउंडेशन ट्रेनिंग एरिया, कुआंवाला (देहरादून) में आयोजित ‘युवा अग्निवीर संवाद’ कार्यक्रम में अग्निवीरों के सम्मान, पुनर्वास और भविष्य को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य बनेगा, जहां सेवामुक्त अग्निवीरों के लिए विशेष ‘अग्निवीर सेल’ की स्थापना की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि पर्यटन विभाग की होमस्टे योजना के तहत पूर्व सैनिकों और अग्निवीरों को होमस्टे स्थापित करने के लिए विशेष अनुदान दिया जाएगा। साथ ही सीमावर्ती गांवों में स्थानीय निवासियों, पूर्व सैनिकों और अग्निवीरों को स्वरोजगार के लिए आवश्यक आधारभूत सुविधाएं विकसित करने हेतु भी विशेष सहायता प्रदान की जाएगी। राज्य सरकार सेवामुक्त अग्निवीरों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए समर्पित सेल स्थापित करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अग्निवीरों, सैनिकों और शहीदों के परिवारों के कल्याण के लिए लगातार कार्य कर रही है। शहीद परिवारों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये कर दी गई है। आश्रितों को सरकारी सेवा में समायोजन, सरकारी नौकरी के लिए आवेदन की समय-सीमा 2 वर्ष से बढ़ाकर 5 वर्ष करने, वीरता पुरस्कार प्राप्त सैनिकों के सम्मान में वृद्धि, युद्ध विधवाओं एवं दिव्यांग सैनिकों के लिए विशेष सहायता तथा पूर्व सैनिकों के सम्मानजनक अंतिम संस्कार के लिए आर्थिक सहायता जैसी व्यवस्थाएं लागू की गई हैं।
उन्होंने कहा कि सेवा पूरी कर लौटने वाले अग्निवीरों को पुलिस, वन विभाग, आपदा प्रबंधन सहित राज्य की विभिन्न सरकारी सेवाओं में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण, अधिकतम आयु सीमा में छूट तथा भर्ती प्रक्रियाओं में प्राथमिकता दी जाएगी। भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए राज्य सरकार गुणवत्तापूर्ण एवं निःशुल्क प्रशिक्षण भी उपलब्ध करा रही है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि अग्निवीर बनना केवल नौकरी नहीं, बल्कि राष्ट्रसेवा का सर्वोच्च अवसर है। सेना में बिताए गए चार वर्ष युवाओं के जीवन की सबसे बड़ी पूंजी होंगे और राज्य सरकार का उद्देश्य सेना में सेवा देने वाले प्रत्येक युवा को सम्मानजनक भविष्य सुनिश्चित करना है।
उन्होंने कहा कि वे स्वयं एक सैनिक के पुत्र हैं और बचपन से सैनिकों के अनुशासन, त्याग और राष्ट्रभक्ति को करीब से देखा है। सैनिकों के बीच आकर उन्हें अपने परिवार जैसा अनुभव होता है।
मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य है जहां समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू की गई। सख्त नकल विरोधी कानून लागू होने के बाद 100 से अधिक नकल माफिया जेल भेजे गए और पिछले पांच वर्षों में 34 हजार से अधिक युवाओं को पूरी पारदर्शिता के साथ सरकारी नौकरी मिली है।
उन्होंने कहा कि राज्य में कृषि, पर्यटन, रोजगार और निवेश के क्षेत्र में तेजी से कार्य हो रहा है। कीवी, एप्पल और तिमरू मिशन जैसी योजनाओं से किसानों को लाभ मिल रहा है। उत्तराखंड सतत विकास लक्ष्यों में देश में शीर्ष स्थान पर पहुंचा है, फिल्म फ्रेंडली स्टेट के रूप में सम्मानित हुआ है तथा चारधाम, आदि कैलाश और शीतकालीन यात्रा के कारण पिछले चार वर्षों में 24 करोड़ से अधिक पर्यटक राज्य पहुंचे हैं।
कार्यक्रम में विधायक बृजभूषण गैरोला, यूथ फाउंडेशन के संस्थापक कर्नल (सेवानिवृत्त) अजय कौठियाल, मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) गुलाब सिंह रावत, जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान, एसएसपी प्रमेंद्र डोभाल सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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