*प्रियंका वाड्रा, यौन शोषण के अपने आरोपी सांसद से कब लड़ेंगी: भाजपा*
*कांग्रेस, यौन शोषण के अपने आरोपी प्रोफेसर सांसद पर सार्वजनिक माफी मांगे: दीप्ति रावत*
*जेएनयू प्रकरण ने महिला सम्मान और सुरक्षा पर कांग्रेस की खोली पोल : दीप्ति रावत*
देहरादून 10 अक्टूबर । भाजपा ने कांग्रेस पर महिला सुरक्षा और सम्मान के मुद्दे पर राजनैतिक ढोंग करने और दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया है। प्रदेश महामंत्री श्रीमती दीप्ति रावत ने जेएनयू के प्रोफेसर और कांग्रेस सांसद डॉ. अकोइजम पर लगे यौन शोषण के आरोपों पर कांग्रेस नेतृत्व की चुप्पी को शर्मनाक बताते हुए सार्वजनिक माफी की मांग की है। साथ ही प्रियंका वाड्रा पर कटाक्ष किया कि इस दुखद प्रकरण पर लड़की हूँ लड़ सकती हूं का नारा देने वालों की खामोशी कब टूटेगी।
उन्होंने पार्टी मुख्यालय में मीडिया से बात करते हुए, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के प्रोफेसर एवं मणिपुर से कांग्रेस सांसद डॉ. अंगोमचा बिमोल अकोइजम से संबंधित मामले को लेकर कांग्रेस नेतृत्व की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए हैं। कहा कि महिलाओं के अधिकारों और सम्मान की बात करने वाली कांग्रेस को अपने नेताओं से जुड़े गंभीर मामलों पर भी उतनी ही स्पष्टता और जवाबदेही दिखानी चाहिए। वहीं आईना दिखाते हुए कहा, महिला सुरक्षा, समानता और पितृसत्तात्मक सोच के विरोध की बातें करने वालों को ऐसे गभीर महिला अपराधों पर भी स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए। किसी भी जिम्मेदार राजनैतिक दल के लिये महिला सम्मान का मुद्दा केवल राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि प्रत्येक मामले में निष्पक्ष जांच, जवाबदेही और पीड़ितों को न्याय दिलाने की प्रतिबद्धता भी दिखाई देनी चाहिए।
उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि जेएनयू में छात्राओं की ओर से लगाए गए कथित यौन उत्पीड़न संबंधी आरोप बेहद गंभीर हैं। लिहाजा ऐसे मामलों में विश्वविद्यालय की जांच प्रक्रिया और उसके निष्कर्षों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। चूंकि विश्वविद्यालय की आंतरिक जांच में आरोप प्रमाणित हुए हैं और उसके आधार पर कार्रवाई की गई है। उन्होंने लड़की हूँ लड़ सकती हूं का नारा देने वाली प्रियंका वाड्रा से संबंधित तथ्यों पर सार्वजनिक रूप से अपना रुख स्पष्ट करने की चुनौती दी है। क्योंकि महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं हो सकती है।
वहीं उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा कि महिला सम्मान के मुद्दे पर मुखर रहने वाले राहुल गांधी और अन्य वरिष्ठ नेता इस मामले में अपना पक्ष स्पष्ट क्यों नहीं कर रहे हैं। महिलाओं के अधिकारों की बात करने वाली पार्टी की जिम्मेदारी है कि वह ऐसे मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करे। पार्टी को बताना चाहिए कि किसी भी व्यक्ति के पद, राजनीतिक प्रभाव या संगठनात्मक संबंधों के आधार पर महिलाओं से जुड़े गंभीर आरोपों की अनदेखी क्यों की जा रही है।
उन्होंने कहा कि महिला सम्मान किसी दल विशेष का राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। इस विषय पर किसी भी प्रकार का दोहरा मापदंड स्वीकार नहीं किया जा सकता। कांग्रेस के शीर्ष नेताओं को अपने सांसद को उनके शर्मनाक और अपराधिक कृत्य पर कड़ी सांगठनिक कार्रवाई करनी चाहिए और एक जिम्मेदार राजनैतिक दल दल के नाते सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।


